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दिल्ली विश्वविद्यालय : अगले साल प्रवेश परीक्षा से दाखिले होंगे या नहीं, आज इस पर लग सकती है मुहर

Fri, 10 Dec 2021 05:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आज एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में प्रवेश परीक्षा को लेकर होगी चर्चा। 
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Delhi University - फोटो : Social Media
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विस्तार
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दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में स्नातक के दाखिले प्रवेश परीक्षा से हो सकते हैं। प्रवेश परीक्षा को लेकर शुक्रवार को एकेडेमिक काउंसिल (एसी) की बैठक में मुहर लगने की संभावना है। एसी की बैठक में प्रवेश परीक्षा की विस्तृत योजना को तैयार करने के लिए गठित कमेटी की सिफारिशों को चर्चा केलिए रखा जाएगा। 

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हालांकि प्रवेश परीक्षा को लेकर हो रहे विरोध के कारण बैठक केकाफी हंगामेदार रहने की संभावना है। प्रवेश परीक्षा को लेकर विरोध इसलिए भी किया जा रहा है क्योंकि इससे छात्रों के लिए विषयों को चयन करने के विकल्प काफी सीमित हो जाएंगे। 

दरअसल डीयू में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा को लागू करने के लिए एकेडेमिक काउंसिल(एसी) और कार्यकारी परिषद(ईसी) की अनुमति अनिवार्य है। डीयू ने हाल ही प्रो डी.एस रावत की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। बीते सप्ताह ही इस कमेटी ने अपनी सिफारिश में कहा था कि दाखिले सामान्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किए जाने चाहिए। 
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इससे 100 फीसदी कट ऑफ की मुश्किलें भी कम होगी और सीटों से अधिक दाखिलों से भी बचा जा सकेगा। वहीं बीते दिनों यूजीसी की ओर से सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अगले सत्र के लिए सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेस टेस्ट आयोजित किया जाए। 

दाखिले में प्रवेश परीक्षा को लेकर बनी 2017 में बनी कमेटी के सदस्य रहे डॉ पंकज गर्ग ने कहा कि अभी की समिति की रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि यूनिवर्सिटी स्वयं प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगी या किसी बाहरी एजेंसी की मदद लेगी। वहीं अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि अलग-अलग कोर्सेज के लिए अलग-अलग एंट्रेस होगा या फिर कुछ कोर्सेज को मिलाकर एक एंट्रेस लिया जाएगा। वहीं प्रवेश परीक्षा सभी कोर्सेज पर लागू करने से छात्रों के लिए विषयों का चयन भी सीमित हो जाएगा। क्योंकि अभी छात्र के पास किसी दूसरे विषय को पढने का भी विकल्प रहता है। 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में बनी कमेटी ने सिफारिश की थी कि सभी कोर्सेज पर एक साथ प्रवेश परीक्षा लागू नहीं की जाए। बल्कि पॉयलट प्रोजेक्ट केरुप में एक दो विषयों में इसे लागू किया जाए। प्रवेश परीक्षा को जल्दबाजी में लागू ना किया जाए इस पर विस्तार से एसी व ईसी में चर्चा की जानी चाहिए। 

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