आम मुसाफिरों को बसों में मिलने वाली सहूलियतों और परेशानियों का पता लगाने के लिए दिल्ली के परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा ने शनिवार को डीटीसी की बस में सफर किया। उनके साथ विशेष आयुक्त नीरज भारती भी थे। अधिकारियों ने यात्रियों से फीडबैक लेना शुरू किया तो वह थोड़ा असहज हो गए।
इसी बीच कुंद्रा बोले...घबराइए नहीं...मैं परिवहन आयुक्त हूं। सफर में आपको कोई समस्या तो नहीं है...। इसके बाद यात्रियों ने अफसरों का अच्छा व्यवहार देखकर खुलकर चर्चा की। दोनों अधिकारियों ने एक सेल्फी भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की है।
बीते बुधवार को दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया था कि परिवहन विभाग और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के अधिकारियों को सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक बसों में सफर करना अनिवार्य है। यात्रा करते वक्त अधिकारी बसों की साफ-सफाई, रखरखाव, चालक के अनुशासन व चालक और परिचालक के व्यवहार समेत दूसरे मापदंडों पर नजर रखेंगे। इसकी रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
इसमें ग्रुप ए और बी के अधिकारियों को बसों में सेवा की गुणवत्ता संबंधित विभिन्न मानकों पर एक प्रोफार्मा भर कर यह फीडबैक देना है। सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक परिवहन सेवा बेहतर होगी और यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। इसी कड़ी में शनिवार को दोनों अधिकारी बसों पर सवार हुए। कुंद्रा ने इसकी जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर साझा की। इस दौरान रूट नंबर 729 (कापसहेड़ा बॉर्डर से मोरीगेट टर्मिनल) और 739 (एसजे टर्मिनल से द्वारका सेक्टर-19 पाकेट-3) पर अधिकारियों ने सफर किया।
हमारी सरकार जन केंद्रित सरकार है। हमारे अधिकारी, मंत्री और विधायक लगातार आम लोगों के बीच रहते हैं। यह देखना अपवाद है कि किसी एक राज्य का परिवहन कमिश्नर राज्य सरकार की बस में सफर करे और आम लोगों से सफर में आने वाली समस्याओं पर चर्चा करे। - अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री
दिल्ली का परिवहन बेड़ा
इस वक्त दिल्ली की सड़कों पर 7,200 बसें चल रही हैं। इसमें 152 ई-बसें हैं। सभी बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और बस मार्शल, बसों की लाइव ट्रैकिंग जैसी कई सुविधाएं हैं। महिलाओं को मुफ्त यात्रा करने के लिए गुलाबी पास भी प्रदान किए जाते हैं।
यह देखकर अच्छा लग रहा है कि दिल्ली सरकार के परिवहन कमिश्नर बस में सफर कर रहे हैं।
- कैलाश गहलोत, परिवहन मंत्री
अधिकारी इन मसलों पर देंगे फीडबैक
- बसों की सामान्य सफाई और रखरखाव
- बस में मार्शलों की उपलब्धता
- ड्राइवर-कंडक्टर का व्यवहार
- चालक द्वारा बस लेन अनुशासन का पालन
- निर्धारित बस स्टॉप पर बस का ठहराव
- चालक द्वारा ओवर स्पीडिंग/खतरनाक ड्राइविंग/ओवरटेकिंग
- समय पर बस की उपलब्धता