आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर असांविधानिक और गैरकानूनी तरीके से मनोनीत पार्षदों से वोट करवाने का आरोप लगाते हुए राजनिवास का घेराव किया। पार्टी पार्षदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने एलजी और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि उपराज्यपाल एमसीडी में सारे नियमों की धज्जियां उड़ाकर संविधान की हत्या कर रहे हैं।
इस मौके पर आप विधायक आतिशी ने कहा कि एलजी व एमसीडी कमिश्नर लिखित में दें कि जब भी मेयर का चुनाव होगा, मनोनीत सदस्य वोट नहीं करेंगे। बयान नहीं आने तक आप संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष सड़क से लेकर संसद तक जारी रखेंगी। एमसीडी का चुनाव अप्रैल में होना था लेकिन भाजपा को डर था कि पिछले 15 सालों में भ्रष्टाचार की पोल खुल जाएगी। उन्होंने अपनी मनमर्जी से परिसीमन किया ताकि वह ज्यादा सीटें जीत सकें।
गुजरात चुनाव के समय पर एमसीडी का चुनाव रखा लेकिन उनकी हर संभव कोशिश के बावजूद दिल्ली की जनता ने एमसीडी से बीजेपी को बाहर फेंक दिया। भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो लोकतंत्र का सम्मान नहीं करती है, जो संविधान का सम्मान नहीं करती है। भाजपा समझ गई है कि आप पार्षद टूटने वाले नहीं हैं तो उन्होंने गैर कानूनी और गैर संवैधानिक कोशिशें शुरू कर दी। संविधान को ताक पर रखते हुए सदस्यों को नामित किया गया है।
आप विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा सदन में अपना मेयर बनाना चाहती थी इसलिए उन्होंने पूरी गुंडागर्दी की। पार्षदों के साथ मारपीट करती है। भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा यही है कि वह हमेशा गुंडागर्दी करते हैं। उपराज्यपाल बाबा साहब के नियमों के आधार पर काम करें ना कि भाजपा के कहने पर।
भाजपा ने संविधान की हत्या की : सोमनाथ
आप विधायक सोमनाथ भारती ने कहा कि जिस प्रकार से भाजपा ने एलजी के माध्यम से संविधान की हत्या की है वह शर्मनाक है। भाजपा गुंडागर्दी पर उतर आई है। आप नेता आदिल अहमद खान ने कहा कि पिछले 15 सालों से एमसीडी में भाजपा का शासन था। भाजपा ने एमसीडी को लूट का अड्डा बना रखा था। ऑपरेशन लोटस कामयाब नहीं हुआ तो उपराज्यपाल का सहारा भाजपा ले रही है।
राजघाट पर भाजपा नेताओं ने दिया धरना
प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में राजघाट पर सांसदों, विधायकों, पार्षदों और प्रदेश पदाधिकारियों ने सदन में आप के नेताओं द्वारा संविधान का अपमान करने के विरोध में शांतिपूर्ण धरना दिया। इस मौके पर सचदेवा ने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में शुक्रवार का दिन दिल्लीवालों के लिए बेहद ही शर्मनाक रहा। पार्षदों द्वारा कुर्सी चलाना, पीठासीन अधिकारी से माइक छीनना, उनकी कुर्सी पर खड़े होकर गाली-गलौच करना बताता है कि आप किस तरह की राजनीति कर रही है। 134 पार्षदों के होने के बावजूद केजरीवाल और उनकी पार्टी निगम के आंतरिक चुनाव से डर रही है। इसका कारण आप के अंदर ही फूट है और इसे छिपाने के लिए केजरीवाल ने हिंसा का सहारा लिया।
सचदेवा ने उपराज्यपाल से कमेटी बनाकर हंगामे को अंजाम देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा कि संविधान और कानूनी व्यवस्था को तार तार किया गया, आप पार्षद पीठासीन अधिकारी के हाथों से फाइलें छीन रहे थे, लेकिन संविधान की मर्यादा और लोकतंत्र के सम्मान करते हुए भाजपा पार्षदों ने यह सब कुछ अन्याय सहन किया और प्रतिकार हिंसा से दूर रहे। मेयर पद की प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने कहा कि जब दिल्ली की जनता ने केजरीवाल की पार्टी को पूर्ण बहुमत से सदन में भेजा है तो आप नेताओं के सामने ऐसी कौन सी मजबूरी आ गई जो गुंडागर्दी सदन के अंदर करनी पड़ी। प्रदर्शन में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह, प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा, पूर्व महापौर जयप्रकाश, भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा, अजय महावर, अभय वर्मा, अनिल वाजपेयी समेत कई नेता शामिल हुए।
आप नेताओं की हरकत देख चुकी है जनता : हर्षवर्धन : सांसद डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि लोगों को गुमराह करने की प्रतीक आम आदमी पार्टी ने देश के इतिहास में पहली बार एक सत्ताधारी पार्टी होते हुए सदन में इस प्रकार का प्रदर्शन किया है। शराब पीकर सदन में आकर हंगामा करने वाले आप नेताओं की हरकत दिल्ली की जनता रामलीला मैदान से लेकर सदन तक देख चुकी है।
आप के 13 विधायकों का हो निलंबन : बिधूड़ी
नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि आप के सभी पार्षदों और 13 विधायकों ने बाबा भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखित संविधान का ना सिर्फ अपमान किया बल्कि पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा जैसी सम्मानित महिला की कुर्सी को भी नहीं छोड़ा। आप विधायक जनरैल सिंह खुद टेबल तोड़ते हुए नजर आए। ऐसे लोगों की जगह तिहाड़ में होनाी चाहिए। आप के 13 विधायकों को सदन से एक साल के लिए सस्पेंड कर देना चाहिए।