दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी का विधेयक पेश किया। यूनिवर्सिटी का बिल पेश करते हुए सिसोदिया ने कहा कि बीते सात वर्षों में आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। जिसमें शिक्षा के क्षेत्र के लिए बजट का 25 फीसदी भी शामिल है। मालूम हो कि सरकार इस यूनिवर्सिटी में दाखिले शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसमें पांच हजार सीटों पर दाखिले लिए जाने हैं।
सिसोदिया ने कहा कि हम शिक्षा को सबसे मूलभूत आवश्यकता मानकर ऐसा कर रहे हैं। सदन में उन्होंने कहा कि शिक्षा क्रांति का श्रेय ज्यादातर शिक्षकों को जाता है। सिसोदिया ने आगे कहा कि इस विश्वविद्यालय में छात्रों को सम्मेलनों और इंटरैक्टिव सत्रों के दौरान दुनिया भर के शिक्षकों के साथ जुड़ने का अवसर दिया जाएगा। मालूम हो कि बीते एक जनवरी को उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बक्करवाला में दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी के निर्माणाधीन परिसर का दौरा भी किया था।
दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी 12 एकड़ भूमि में फैली होगी
उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए कहा था ताकि सत्र जल्द से जल्द शुरू किया जा सके। शिक्षकों की नई पीढ़ी बनाने के लिए इस विश्वविद्यालय में बीए-बीएड और बीएससी-बीएड जैसे कोर्सेज होंगे। दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी 12 एकड़ भूमि में फैली होगी। इसमें व्याख्यान कक्ष, डिजिटल लैब और विश्व स्तरीय सुविधाओं वाला एक पुस्तकालय भी होगा। यूनिवर्सिटी में शिक्षक बनने के इच्छुक छात्रों को ग्लोबल एक्सपोज के साथ-साथ उच्च सुविधाएं दी जाएंगी।