दिल्ली प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने आरोप लगाया है कि राजधानी में लोग प्रदूषण के कारण सांस भी नहीं ले पा रहे हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल दिल्ली का प्रदूषण कम करने की बजाय गुजरात में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
दिल्ली में प्रदूषण की समस्या बेहद गंभीर हो गई है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में लगातार जलाई जा रही पराली से हवा में जहरीले तत्व बढ़ गए हैं और इस कारण लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। निर्माण कार्यों को रोककर और डीजल वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोककर प्रदूषण को कम करने के उपाय किये जा रहे हैं। इसी बीच हो रहे गुजरात विधानसभा और दिल्ली नगर निगम चुनावों को देखकर राजनीतिक दलों ने प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार को घेरने का काम भी तेज कर दिया है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी पराली के लिए दिए गए पैसे से गुजरात में अपना चुनाव प्रचार कर रही है।
विज्ञापन
दिल्ली प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने आरोप लगाया है कि राजधानी में लोग प्रदूषण के कारण सांस भी नहीं ले पा रहे हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल दिल्ली का प्रदूषण कम करने की बजाय गुजरात में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी प्रदूषण की समस्या का हल निकालने की बजाय चुनाव प्रचार करने में ज्यादा व्यस्त है, यही कारण है कि दिल्ली सरकार प्रदूषण पर कोई ठोस उपाय लागू नहीं कर पा रही है।
दुआ ने कहा कि केंद्र सरकार ने पराली जलने से रोकने के लिए विभिन्न राज्यों को 1350 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता पहुंचाई थी। इसमें से लगभग 65 फीसदी धनराशि अकेले पंजाब को पहुंचाई गई थी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस पैसे का सही उपयोग करती और किसानों को राहत पहुंचाती तो किसानों को पराली जलाने के लिए मजबूर न होना पड़ता और राजधानी में प्रदूषण की समस्या भी न होती। लेकिन ऐसा न होने के कारण आज दिल्ली के करोड़ों लोगों को जहरीले धुएं से भरी हवा में सांस लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने पराली को खेतों में ही ख़त्म करने के लिए डीकम्पोजर को बेहद सफल उपाय बताया था। अरविंद केजरीवाल ने इसके लिए करोड़ों का विज्ञापन कर दूसरे राज्यों को भी यह तकनीकी देने की बात कही थी। लेकिन आज जब पंजाब में आम आदमी पार्टी की अपनी सरकार आ गई है, अरविंद केजरीवाल इसकी चर्चा भी नहीं कर रहे हैं।