उस समय सुमित के साथ उसका साला गोपाल, दोस्त साहिल व परिवार भी मौजूद था। शोर-शराबे के बीच गुलशन और रोहित वहां से निकले तो रोहित बीच-बचाव कराने पहुंच गया। अचानक सुमित ने रोहित को पीटना शुरू कर दिया। गुलशन ने भाई को बचाने का प्रयास किया तो अचानक सुमित ने पिस्टल निकालकर गोली चला दी। एक गोली गुलशन के माथे पर लगी जबकि दूसरी गोली उसकी पीठ पर लगी। आरोपी ने रोहित को भी गोली मार दी। उसके सीने में गोली लगी और वह घर की ओर भागा और घर के नजदीक जाकर गिर गया।
वहां मौजूद लोगों ने सुमित को पकड़कर पीटने का प्रयास किया तो वह जान बचाने के लिए पास में मौजूद पीसीआर में घुस गया। पुलिस ने उसे काबू कर लिया। तुरंत गुलशन और रोहित को अस्पताल ले जाया गया, जहां रातभर चले इलाज के बाद एम्स ट्रामा सेंटर में गुलशन की मौत हो गई। रोहित की सर्जरी कर दी गई है, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिवार ने मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
परिजनों का कहना है कि जहां झगड़ा हो रहा था, वहीं पर पीसीआर तैनात थी। लेकिन पुलिसकर्मियों ने झगड़े में कोई दखल नहीं दिया और दोनों भाईयों को गोली मार दी गई। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुमित के खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं। हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।