उच्च न्यायालय ने विभिन्न नगर निगमों में सफाई कर्मचारी यूनियनों के साथ बातचीत शुरू करने के लिए दक्षिण जिले के उप श्रम आयुक्त को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं सफाई कर्मचारियों ने भी आम लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए अपनी हड़ताल वापस ले ली।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने नगर निगम स्वच्छता पर्यवेक्षक यूनियनों की याचिका पर दिल्ली सरकार औरतीनों नगर निगमों को नोटिस भी जारी किया । याचिकाकर्ता ने शिकायतों के निपटारे और प्रतिवादी निगमों के सफाई कर्मियों की मांगों पर विचार के लिए एक निवारण समिति का गठन करने की मांग की।
याचिका में कर्मचारियों की मांगों और शिकायतों के निपटारे के लिए उचित तंत्र के साथ शिकायत प्रकोष्ठ के गठन का भी निर्देश देने की मांग की गई है। अदालत ने उप श्रमायुक्त को पहले याचिकाकर्ता एसोसिएशन में शामिल नौ यूनियनों में से प्रत्येक के एक अधिकृत प्रतिनिधि के साथ बैठक करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा इसके बाद उप श्रमायुक्त (दक्षिण जिला) संबंधित नगर निगमों के अधिकारियों से संवाद करेंगे। अदालत ने नगर निगम के अधिकारियों को उप श्रमायुक्त का सहयोग करने का निर्देश दिया है।याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि सफाईकर्मी इस बात को लेकर सचेत हैं कि उनकी हड़ताल के कारण राजधानी के लोग परेशान हैं क्योंकि ये लोग वे है जिनके प्रति सफाईकर्मियों को कोई शिकायत है।
उन्होंने अदालत को बताया कि आम लोगों के प्रति सद्भावना के रूप में कर्मचारी यूनियनों ने अपनी हड़ताल वापस लेने और काम फिर से शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने अदालत से कहा कि कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे के लिए सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के लिए निवारण समिति के गठन के लिए निर्देश दिए जाए।
अदालत ने आम लोगों के प्रति याचिकाकर्ता कर्मचारियों की यूनियनों के तर्को की सराहना करते हुए नोडल अधिकारी को अपनी रिपोर्ट 25 फरवरी तय कर दी।