राजधानी की 100 फीट से अधिक चौड़ी और 500 किलोमीटर लंबी सड़कों को यूरोप के शहरों की तर्ज पर खूबसूरत बनाया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पूर्व में सड़कों को री-डिजाइन करने की मंजूरी प्रदान की गई थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रोजेक्ट की समीक्षा की। हाल ही में पुनर्विकसित की गई चांदनी चौक की सड़क को पायलट प्रोजेक्ट मानते हुए इस योजना को भी विस्तार दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से तीन सप्ताह में 500 किलोमीटर सड़कों का विस्तृत प्लान देने को कहा है। इन सड़कों का विकास, बेल्ट ऑपरेटर ट्रांसफर( बीओटी) की तर्ज पर किया जाएगा यानी सड़क का निर्माण करने वाली कंपनी 15 साल तक रखरखाव के लिए भी जिम्मेदार होगी।
वहीं, पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिन सात सड़कों का काम इस वर्ष के अंत तक होना था, कोरोना को देखते हुए उनकी समय सीमा अगस्त 2021 तक कर दी गई है। बताया जा रहा है कि सड़कों के विकास से जाम आदि की समस्या खत्म हो जाएगी। इनके आसपास फुटपाथ और नॉन मोटर व्हीकल लेन (एनएमवी) बनाए जाने का भी प्रस्ताव है।
हरियाली को तवज्जो
योजना के तहत सड़कों के आसपास हरियाली को भी तवज्जो दी जाएगी। फुटपाथ पर पेड़ लगाए जाएंगे। नालों के अंदर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। जिससे बरसात के समय पानी को जमीन में रिचार्ज किया जा सके। वहीं, सड़कों पर फर्नीचर लगाए जाने की भी योजना है। सड़क पर सभी ओपन स्पेस को खत्म किया जाना है।
यह सुविधाएं भी मिलेंगी
: रिक्शा के लिए पार्किंग, ग्रीन बेल्ट, साइकिल लेन, पैदल पथ लेन, पार्किंग के लिए चिह्नित स्थान, पब्लिक ओपन एरिया, सड़क किनारे दीवारों पर डिजाइन, सड़क किनारे बने पार्क को दीवार से नहीं ढका जाएगा। जिससे लोगों को पार्क के नजारे मिल सकें।
दिल्ली देश की राजधानी है। यह यूरोपीय देश की राजधानी की तरह दिखे, यह हमारी कोशिश है। दिल्ली सरकार सड़कों को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। यहां की सड़कें सुंदर और जाम मुक्त होंगी तो पूरी दुनिया में भारत की छवि अच्छी बनेगी।
-अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री