दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूनाइटेड अगेंस्ट हेट संगठन के संस्थापक खालिद सैफी की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता ने फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों के पीछे कथित साजिश से संबंधित एक मामले में जमानत मांगी है। हाईकोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 11 जुलाई की तारीख तय की है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की पीठ ने निचली अदालत के आठ अप्रैल के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी किया है, जिसमें सैफी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। दिल्ली सरकार के विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने नोटिस को स्वीकार किया है।
सैफी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने कहा कि वह 800 दिनों से अधिक समय से हिरासत में हैं और उनका मामला अन्य सह-आरोपियों से अलग है। निचली अदालत ने सैफी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही बताते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी थी।