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Delhi : एनटीआरओ सहित दस परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका, पैरामाउंट स्कूल फिर निशाने पर

Fri, 17 Mar 2023 03:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

द्वारका स्थित जिस पैरामाउंट स्कूल से एनटीआरओ परीक्षा का पेपर लीक हुआ है, उससे 10 से ज्यादा परीक्षाओं के पेपर लीक होने की आशंका है।
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विस्तार
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राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) की परीक्षा के प्रश्नपत्र को लीक करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ होने के साथ ही एक और बड़ा खुलासा हुआ है। द्वारका स्थित जिस पैरामाउंट स्कूल से एनटीआरओ परीक्षा का पेपर लीक हुआ है, उससे 10 से ज्यादा परीक्षाओं के पेपर लीक होने की आशंका है। इस स्कूल में परीक्षाएं कराने की जिम्मेदारी आरोपी अरुणजय की थी। वह लंबे समय से स्कूल का सहायक परीक्षा अधीक्षक बना हुआ था। तीन-चार वर्षों में इस स्कूल में 8 से 10 परीक्षाएं हुई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अरुणजय ने सभी के प्रश्नपत्र लीक किए हैं।

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अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ व शिक्षकों की परीक्षाएं यहां हुई हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने नाइलेट व स्कूल प्रशासन को पत्र लिखकर पूछा है कि स्कूल में कौन-कौन सी परीक्षाएं हुई हैं और अरुणजय को किस-किस परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में तैनात एसीपी रोहताश कुमार व इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की टीम ने एनटीआरओ परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने वाले आरोपी उत्तम नगर निवासी अरुणजय, लारेंस रोड निवासी अरुण कुमार, महाराणा प्रताप एंक्लेव, स्वर्ण जयंती नगर, अलीगढ़ यूपी निवासी सुभाष चंद, गांव सिहावन पोस्ट-थाना सुरीर, मथुरा निवासी दीपक राघव और बिहार निवासी गोविंद कुमार के रूप में हुई है। 

अरुण, दीपक राघव व सुभाष चंद परीक्षार्थी हैं। अरुणजय सहायक परीक्षा अधीक्षक था। गिरोह सरगना जींद निवासी दीपक है। उसके पिता दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं। दीपक गिरोह को कई सालों से चला रहा है। इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की टीम दीपक को पकड़ने के लिए हरियाणा व यूपी में दस से ज्यादा दबिश दे चुकी है।
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ऐसे बना सेंटर का परीक्षा अधीक्षक 
राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) ने परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सरकारी संस्था नाइलेट को दी थी। नाइलेट ने दिल्ली में स्कूलों में बनाए अलग-अलग परीक्षा सेंटरों की जिम्मेदारी अलग-अलग लोगों को सौंप दी थी। नाइलेट ने सेक्टर-23, द्वारका स्थित पैरामाउंट स्कूल में बनाए सेंटर की जिम्मेदारी अरुणजय को दी थी। अरुणजय जान बूझकर सेंटर का परीक्षा अधीक्षक बना था। इसके बाद पेपर लीक करने का खेल शुरू हो गया। 

अरुणजय प्रश्नपत्र भेजता तो दीपक उत्तरपुस्तिका
परीक्षा सेंटर का प्रभारी होने के कारण अरुणजय की स्कूल में पूरी पकड़ थी। वह प्रश्नपत्र आते ही मोबाइल से फोटो खींच लेता था और दीपक को भेज देता था। कई बार अरुणजय उत्तरपुस्तिका भी दीपक को भेज देता था। दीपक प्रश्न पत्र को सॉल्व करवाकर अरुणजय को भेज देता था। पुलिस इस बात का पता कर रही है कि दीपक प्रश्नपत्र को कहां से सॉल्व करवाता था। 

दीपक जींद व अन्य जगहों से लाता था परीक्षार्थी
दीपक जींद का रहने वाला है। वह जींद से ही परीक्षार्थी लेकर आता था। साथ ही, अन्य आरोपी दीपक राघव मथुरा का रहने वाला है। वह भी परीक्षार्थी लेकर आया था। अरुणजय ने दो परीक्षार्थियों से एक-एक लाख रुपये लिए थे। ये पैसे बैंक खाते में आए थे। बाकी रकम नकद देने की बात हुई थी। अभी तक पांच परीक्षार्थियों के इनके शिकंजे में फंसने की बात सामने आई है। 

एक विचारधारा को मानते हैं...
सभी आरोपी एक विचारधारा को मानते हैं और उसके समर्थक हैं। एक सम्मेलन में इनकी मुलाकात हुई थी। वहां से मिलना-जुलना शुरू हो गया और बाद में गिरोह बना लिया। 

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