जेएनयू की नई कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के 52 सालों के इतिहास में पहली बार महिला और पूर्व छात्रा कुलपति बनकर आयी है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जेएनयू से पास आउट 1986 बैच की पूर्व छात्रा और सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी पूणे की पॉलिटिक्ल साइंस की प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित (59 वर्षीय) को कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. पंडित अगले पांच साल तक कुलपति के रूप में कार्यभार संभालेंगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर ने जेएनयू कुलपति पद की जिम्मेदारी प्रो. शांतिश्री धूलिपुड़ी को सौंपी है। जेएनयू प्रशासन को सोमवार को ही नए कुलपति के नाम की सूचना दी गई। इसके बाद दुपहर बाद प्रो. पंडित ने नए कुलपति के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। मूलरूप से तमिलनाड़़ू की रहने वाली प्रो. पंडित ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा तमिलनाड़ू से की है। चेन्नई के प्रसिद्ध प्रेजीडेंसी कॉलेज से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के बाद वे दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा के लिए पहुंच गईं।
प्रो. शांतिश्री के बारे में
जेएनयू से ही प्रो. पंडित ने 1986 में इंटरनेशनल स्ट्डीज में एमफिल और पीएचडी की है। प्रो. पंडित ने पीएचडी में पार्लियामेंट एंड फॉरेन पॉलिसी विषय पर थीसिस लिखी थीं। इसके बाद पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 1988 में गोवा यूनिवर्सिटी से शिक्षण क्षेत्र में सेवाएं शुरू की थी। इसके बाद सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी पुणे में 1993 में शिक्षण क्षेत्र में जुड़ गई। वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (2021 तक) , इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च की अकेडमिक कमेटी की सदस्य के रूप में और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में विजिटर नॉमिनी की भी जिम्मेदारी संभाली है। प्रो. पंडित ने अपने शिक्षण कार्यकाल में कुल 29 छात्रों की पीएचडी गाइड की भूमिका निभाई है। शिक्षण कार्यकाल के दौरान प्रो. पंडित विभिन्न शैक्षणिक निकायों में प्रशासनिक पदों पर काम कर चुकी हैं।
पूर्व कुलपति और यूजीसी अध्यक्ष ने दी बधाई
जेएनयू के पूर्व कुलपति और यूजीसी अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने प्रो. शांतिश्री को विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त करने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित को जेएनयू का अगला कुलपति नियुक्त किया गया है। वह जेएनयू की पहली महिला कुलपति हैं। उन्हें मेरी तरफ से हार्दिक बधाई। मैंने उन्हें कार्यभार सौंप दिया है। नई भूमिका में उनकी सफलता की कामना करता हूं।