मौसमी परिस्थितियों के अनुकूल होने की वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवा नहीं बिगड़ रही है। बीते 24 घंटे में गाजियाबाद और नोएडा की हवा औसत श्रेणी में दर्ज की गई है। वहीं, दिल्ली समेत एनसीआर के बाकी शहरों की हवा खराब श्रेणी में रही। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिन बाद मौसमी परिस्थितियों में बदलाव की वजह से हवा की सेहत बिगड़ेगी।
केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 में उत्तर भारत में पराली जलने की वजह से दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में इसकी हिस्सेदारी तीन फीसदी रही। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, पंजाब में 243 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं।
वहीं, हरियाणा में 11, उत्तर प्रदेश में 46, मध्यप्रदेश में 196 और राजस्थान में 12 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं। वहीं, दिल्ली में एक भी स्थान पर पराली नहीं जली। पीएम 2.5 से छोटे कणों की पीएम 10 में 58 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई। पीएम 10 का स्तर 176 व पीएम 2.5 का स्तर 98 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रहा।
पीएम 10 का स्तर 100 व पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से कम होने पर सुरक्षित श्रेणी में माना जाता है।
हिमालय की घाटी से आने वाली सर्द हवाएं बढ़ाएंगी ठिठुरन
राजधानी के मौसम में सुबह-शाम हल्की सर्दी का अहसास बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का पूर्वानुमान है कि आगामी 25 नवंबर के बाद मौसम के करवट लेने की संभावना है। ऐसे में हिमालय की घाटी से आने वाली सर्द हवाएं ठिठुरन वाली सर्दी का अहसास कराएंगी। मौसम विभाग के मुताबिक, बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान सामान्य से एक कम 26.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य से दो कम 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में नमी का स्तर 33 से 90 फीसदी रहा।