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दिल्ली: ऑनलाइन सट्टा रैकेट का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड इंजीनियर गिरफ्तार, 3.5 करोड़ नकद बरामद, सट्टे में झोंका पढ़ाई का सारा ज्ञान 

Tue, 15 Jun 2021 07:39 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी के लिंक दुबई के अलावा कई अन्य देशों से भी हैं।  आरोपी संजीव राठौर कर्नाटक से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है। वह अपना सारा पढ़ाई का ज्ञान सट्टे पर लगा रहा था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पूर्वी दिल्ली जिला के स्पेशल स्टाफ ने सट्टे में अब तक की सबसे बड़ी कैश बरामदगी 3.50 करोड़ के साथ एक सट्टा ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गणेश अपार्टमेंट, आईपी एक्सटेंशन निवासी संजीव राठौर (45) के रूप में हुई है। पुलिस ने सारी रकम आरोपी के घर से बरामद की है। 

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आरोपी सट्टे के बुकी को एप के जरिये यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाता है। इसके बदलते वह सट्टे में लगाई गई रकम का दो फीसदी लेता है। इतनी बड़ी रकम बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की सूचना आयकर विभाग को दे दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी के लिंक दुबई के अलावा कई अन्य देशों से भी हैं। 

आरोपी संजीव राठौर कर्नाटक से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है। वह अपना सारा पढ़ाई का ज्ञान सट्टे पर लगा रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
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पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि जिले का स्पेशल स्टाफ पिछले काफी समय से सट्टा ऑपरेटरों की जांच में जुटा था। इस दौरान एसीपी वेद प्रकाश, इंस्पेक्टर सत्येंद्र खारी और एसआई निहित फोगाट की टीम को सूचना मिली कि आईपी एक्सटेंशन की पॉश सोसायटी में रहने वाला इंजीनियर बड़ा सट्टा ऑपरेट हैं।
 

वह सट्टा खिलवाने वाले बुकी को कई एप पर सट्टा खिलवाने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाता है। पुलिस की टीम ने आरोपी की जानकारी जुटाना शुरू कर दी। इसके बाद टीम ने आईपी एक्सटेंशन के गणेश अपार्टमेंट से आरोपी को दबोच लिया। आरोपी सोसायटी में इज्जतदार बनकर रह रहा था। इसके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। 

सोसायटी में कोई इसके बारे में नहीं जानता। पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली तो इसके घर से साढ़े तीन करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। जांच के दौरान आरोपी ने बताया कि वह कैश में ही डील करता है। दुनिया के किसी भी कौने में बैठे बुकी के लिए वह सट्टा खिलवाने का ऑन लाइन और सुरकित इंतजाम करवाता है। सट्टे की रकम पर वह दो फीसदी कैश कमिशन लेता है।
 
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ऐसे खिलाया जाता है ऑन लाइन सट्टा
आरोपी एंड्रॉयड या आईओएस वह एप के लिए सट्टा खिलवाता था। गूगल प्ले या कंप्यूटर पर इंटरनेट के द्वारा स्काई, आइस, गोल्ड या डायमंड जैसे एप को डाउनलोड करवाया जाता था। इसके बाद आरोपी बुकीज को दो प्रतिशत कमिशन पर यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाता था। कोई भी बिना पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों के डर के बिना दुनिया में कहीं से भी एप के जरिये सट्टा बुक कर सकता था। 

यह टेनिस, रगबी, फुटबॉल व दूसरे खेलों पर सट्टा बुक करवाता था। बुकीज को कितना फायदा हुआ या नुकसान हुआ, इससे उसे कोई मतलब नहीं था। यह बुक की गई रकम का दो फीसदी लेता था। वह भी घर पर कैश ही मंगाया जाता था। खुद संजीव राठौर कैश लेकर आगे खुद भी कैश देता था। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सट्टे के मामले में बरामद साढ़े तीन बरामद की रकम अब तक की सबसे बड़ी रकम है।
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