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आतंकी को दोषी करार देने पर दिल्ली पुलिस ने जताई खुशी

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नई दिल्ली। बहुचर्चित बटला हाउस एनकाउंटर में पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा पर गोली चलाकर बच निकले वाले इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) के आतंकी आरिज खान को दोषी करार देने पर दिल्ली पुलिस ने खुशी जताई है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि पुलिस की मेहनत रंग लाई। इससे आरिज खान दोषी सिद्ध हुआ है।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव का कहना है कि 19 सितंबर, 2008 को बटला हाउस एनकाउंटर में दो आतंकी मौके पर मारे गए थे। दो आतंकी भागने में कामयाब हो गए थे। आतंकियों की गोली लगने से इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। भागे आतंकियों में से एक वर्ष 2010 में पकड़ा गया था और उसे 2013 में उम्रकैद की सजा हो गई थी।
उन्होंने बताया कि दूसरा आरोपी आरिज खान फरवरी, 2018 में पकड़ा गया था। ये ढाई साल में फैसला आया है। इस फैसले से दिल्ली पुलिस की मेहनत व सच्चाई सामने आई। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ जिन धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया गया था, उन सभी धाराओं में दोषी करार दिया गया है। मोहन चंद शर्मा के शहीद होने के लिए भी दोषी करार दिया गया है।
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ऐसे हुआ बटला हाउस एनकाउंटर
13 सितंबर 2008 को दिल्ली के करोल बाग, कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और ग्रेटर कैलाश में हुए सीरियल बम ब्लास्ट में 26 लोग मारे गए थे, जबकि 133 जख्मी हुए थे। जांच में पता लगा था कि बम ब्लास्ट को आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन किए हैं। 19 सितंबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि इंडियन मुजाहिद्दीन के पांच आतंकी बटला हाउस के एक फ्लैट में किराए पर रह रहे हैं।
उस दिन सुबह इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा आतंकियों को पकड़ने के लिए टीम लेकर बटला हाउस में बिल्डिंग नंबर एल-18 के फ्लैट नंबर 108 में पहुंचे। वहां आतंकियों के साथ मुठभेड़ में मोहन चंद शर्मा को तीन गोलियां लग गईं थीं। बाद में इलाज के दौरान उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए थे।
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