उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस ने मंगलवार को उमर खालिद की जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल किया है। दिल्ली पुलिस ने यूएपीए मामले में उमर खालिद की जमानत का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि उसकी याचिका में कोई दम नहीं है।
अदालत ने दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी उमर खालिद की जमानत पर सुनवाई सात अगस्त तक स्थगित कर दी है। दरअसल उमर के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश जवाब की प्रति उन्हें आज ही मिली है।
वहीं मामले में सभी आरोपी विडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश हुए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष उमर के अधिवक्ता ने अभियोजन पक्ष के द्वारा जवाब पर अपना पक्ष तैयार करने के लिए उन्हें समय प्रदान किया जाए।
सुनवाई के दौरान इस मामले में अन्य आरोपी पेश हुए व अदालत ने मामले की सुनवाई 30 जुलाई तय कर दी। इस मामले में पिछले वर्ष सिंतबर माह में आरोपपत्र दायर किया था।
आरोपपत्र में जेएनयू छात्रा एवं पिंजरा तोड़ सदस्य देवगांना कलिता, आसिफ तन्हा, गुलफिशा फातिमा, कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां, जेएनयू छात्रा सफूरा जरगर, मीरन हैदर और शिफा-उर-रहमान, आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, खालिद सैफी, शादाब अहमद, तस्लीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान और अतहर खान को आरोपी बनाया गया है।