राजधानी में प्रदर्शनों और सुरक्षा इंतजामों के बीच दिल्ली पुलिस ने नागरिकों के नाम एक भावुक खुला पत्र साझा किया है। इसमें पुलिस ने लोगों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए याद दिलाया है।
राजधानी में प्रदर्शनों और सुरक्षा इंतजामों के बीच दिल्ली पुलिस ने नागरिकों के नाम एक भावुक खुला पत्र साझा किया है। इसमें पुलिस ने लोगों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए याद दिलाया है।
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दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार विश्व डाक दिवस के मौके पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्टकार्ड साझा करते हुए लिखा, प्रिय नागरिक, आपकी आवाज आपका हक है और आपकी सुरक्षा हमारा फर्ज। यूनिफॉर्म के पीछे भी एक इंसान है, जिसका अपना परिवार है, अपने लोग हैं। फर्क सिर्फ यूनिफॉर्म का है, इंसानियत का नहीं। पत्र के अंत में विद केयर, दिल्ली पुलिस लिखा गया है।
An Open Letter to Every Citizen ❤️
Because beyond every uniform, every opinion and every disagreement, we’re all human first.
दिलचस्प यह कि दिल्ली पुलिस ने अपने संदेश को पोस्टकार्ड का रूप दिया है। इसमें डाक टिकट की जगह जंतर-मंतर की तस्वीर दिखाई गई है, जबकि पोस्टकार्ड के दूसरे हिस्से में इंडिया गेट नजर आता है। इस तरह पत्र के जरिये पुलिस ने राजधानी के नागरिकों से सीधे संवाद करने की कोशिश की है।
पुलिसकर्मियों को संयम के साथ भीड़ को नियंत्रित करने का निर्देश
दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त मधुर वर्मा ने शुक्रवार को पुलिसकर्मियों से संयम के साथ भीड़ को नियंत्रित करने को कहा। मध्य रेंज के पुलिस संयुक्त आयुक्त वर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि तूफान के लिए तैयार रहें। संयम का अभ्यास करें। शांति की रक्षा करें, क्योंकि पुलिस की असली ताकत केवल भीड़ को नियंत्रित करने में नहीं है, बल्कि अनुशासन, गरिमा और न्यूनतम बल के साथ ऐसा करने में है। उधर, नई दिल्ली इलाके में चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्तूबर के बीच तैनाती के लिए दिल्ली पुलिस को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के लगभग 23,000 जवान उपलब्ध कराए हैं।