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बस एक कॉल के बाद हेड कांस्टेबल ने चार साल बाद लड़की को उसके परिवार से मिलवाया

Fri, 12 Feb 2021 10:01 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

-मानसिक रूप से बीमार थी युवती, चार साल पहले अपने घर से खेलते हुए भटककर पहुंची हरियाणा के सिरसा
-अपना पता न बता पाने की वजह से नहीं हो पा रही थी ट्रेस, पता पूछने पर ऐसा लगता था कि वह कह रही है शाहदरा
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दिल्ली पुलिस - फोटो : delhipolice.nic.in
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विस्तार
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बस अंदाजे के लिए की गई एक कॉल से मानसिक रूप से बीमार एक लड़की अपने परिवार से मिल गई। कॉल आने के बाद शाहदरा जिले के हवलदार ने पूरा जोर लगाकर लड़की के परिवार को खोज ही निकाला। परिवार भी अपनी बेटी को पाकर बेहद खुश है।

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दरअसल चार साल पहले 17 साल की मानसिक अशक्त किशोरी तिलक नगर, दिल्ली से गायब हो गई थी। लड़की किसी तरह सिरसा, हरियाणा पहुंच गई। अब हवलदार युवराज की मदद से उसे उसके परिवार से मिलवा दिया गया। परिजन अपनी बेटी को पाकर बेहद खुश हैं।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि पिछले दिनों सिरसा, हरियाणा के एक एनजीओ ने उनके यहां संपर्क किया था। एनजीओ का कहना था कि उनके यहां मनीषा नाम की एक लड़की जो मानसिक अशक्त है, वह अपने घर का पता शाहदरा बताती है।

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लड़की पिछले चार सालों से चाइल्ड होम में है। मिसिंग सेल सेल के हेड कांस्टेबल युवराज को मनीषा की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी गई। युवराज ने शाहदरा जिले में मनीषा की जानकारी जुटाई, लेकिन उस हूलिये की कोई लड़की उनके यहां से गायब नहीं थी।

इसके बाद भी युवराज ने हिम्मत नहीं हारी। उसने पिछले सालों का दूसरे जिलों का डाटा चेक किया। काफी प्रयासों के बाद युवराज को सफलता मिली। उसी हूलिये की लड़की पश्चिम जिले के तिलक नगर इलाके से गायब थी। उसकी मिसिंग भी वहां थाने में थी।

युवराज ने एनजीओ से मिले फोटो के आधार पर हरिजन कालोनी, तिलक नगर में लड़की के पिता प्रताप से संपर्क किया तो उन्होंने अपनी बेटी की पहचान कर ली। मनीषा का असली नाम मनीता था। वह चार साल पहले घर से गायब हो गई थी।

तिलक नगर थाना पुलिस, शाहदरा जिला ने एनजीओ से संपर्क किया। बाद में मनीता को उसके परिवार से मिलवा दिया गया। मनीता अपने घर का जो पता बताती थी, उसमें शाहदरा ही समझ आता था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने युवराज की सूझबूझ की प्रशांसा की है। परिजन भी अपनी बेटी को पाकर बेहद खुश हैं।
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