लड़की पिछले चार सालों से चाइल्ड होम में है। मिसिंग सेल सेल के हेड कांस्टेबल युवराज को मनीषा की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी गई। युवराज ने शाहदरा जिले में मनीषा की जानकारी जुटाई, लेकिन उस हूलिये की कोई लड़की उनके यहां से गायब नहीं थी।
इसके बाद भी युवराज ने हिम्मत नहीं हारी। उसने पिछले सालों का दूसरे जिलों का डाटा चेक किया। काफी प्रयासों के बाद युवराज को सफलता मिली। उसी हूलिये की लड़की पश्चिम जिले के तिलक नगर इलाके से गायब थी। उसकी मिसिंग भी वहां थाने में थी।
युवराज ने एनजीओ से मिले फोटो के आधार पर हरिजन कालोनी, तिलक नगर में लड़की के पिता प्रताप से संपर्क किया तो उन्होंने अपनी बेटी की पहचान कर ली। मनीषा का असली नाम मनीता था। वह चार साल पहले घर से गायब हो गई थी।
तिलक नगर थाना पुलिस, शाहदरा जिला ने एनजीओ से संपर्क किया। बाद में मनीता को उसके परिवार से मिलवा दिया गया। मनीता अपने घर का जो पता बताती थी, उसमें शाहदरा ही समझ आता था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने युवराज की सूझबूझ की प्रशांसा की है। परिजन भी अपनी बेटी को पाकर बेहद खुश हैं।