नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम जिला के स्पेशल स्टाफ ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के आरोप में मूलचंद अस्पताल की एक नर्स समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मोलड़बंद निवासी नर्स ललितेश (22), इसके ब्वॉयफ्रेंड बसई दारापुर निवासी शुभम (23), लक्ष्मी नगर निवासी विपुल शर्मा (29) और मोती नगर निवासी विशाल कश्यप (22) के रूप में हुई है।
नर्स ललितेश अस्पताल में मरीजों के इंजेक्शन चोरी कर अपने दोस्त शुभम को देती थी। इसके बाद वह बाकी लोगों के साथ मिलकर उसे 70 हजार रुपये में बेच देेता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल सात रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. गुर इकबाल सिंह सिद्धू ने बताया कि तीन मई को उनकी टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं। जानकारी जुटाने पर पता चला कि एक आरोपी इंजेक्शन की डिलीवरी हैदरपुर बस स्टैंड के पास देने आएगा। पुलिस की टीम ने वहां जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की पहचान विपुल शर्मा के रूप में हुई।
उसके पास से एक इंजेक्शन बरामद हुआ। आरोपी ने बताया कि वह शाहदरा के इहबास अस्पताल में कांट्रेक्ट पर रिकॉर्ड क्लर्क की नौकरी कर रहा है। उसने बताया कि इंजेक्शन उसे विशाल और शुभम नामक युवकों ने उपलब्ध करवाए हैं। सूचना के बाद पुलिस ने विशाल और शुभम को भी दबोच लिया। इनके पास से चार और रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए।
पता चला कि आरोपी विशाल कश्यप आईपी यूनिवर्सिटी से बीए ऑनर्स अंतिम वर्ष का छात्र है। वहीं शुभम ने हाल में पुरुष नर्स का कोर्स किया है। फिलहाल वह बेरोजगार है। शुभम ने बताया कि उसकी महिला दोस्त ललितेश उसे इंजेक्शन मूलचंद अस्पताल से चोरी कर बेचने के लिए देती है। बाद में ललितेश को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से दो इंजेक्शन बरामद किए गए।
ललितेश ने बताया कि वो कोविड वार्ड में तैनात है। वहां वह मरीजों को इंजेक्शन न लगाकर चुपचाप चोरी कर लेती है। इसके बाद वह अपने दोस्त के जरिये इनको 70 हजार रुपये में बेच देती है।