दिल्ली पुलिस ने सोमवार को लोगों से अपील की कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के अवैध हिरासत को लेकर अफवाहों पर विश्वास न करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रही है। किसी को भी अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया गया है।
दिल्ली पुलिस के पीआरओ ईश सिंघल ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा मामले में अब तक कुल 44 मामले दर्ज किए गए हैं। कुल 122 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ईश सिंघल ने कहा कि हमने अपनी वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी दी है। कोई भी इसे देख सकता है।
परिजन संबंधित पुलिस थानों से भी ले सकते हैं जानकारी
इसके आगे उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों के परिजन संबंधित पुलिस थानों से भी जानकारी ले सकते हैं। सिंघल ने कहा कि लोगों से अपील करते हैं कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें। दिल्ली पुलिस द्वारा की गई जांच पारदर्शी और निष्पक्ष है। पुलिस के अनुसार गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा में 394 पुलिस कर्मी घायल हुए थे, जबकि 30 पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे।
बॉर्डर पर बढ़ाई सुरक्षा
दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर कहा कि 26 जनवरी की हिंसा के बाद कई किसानों द्वारा अवैध हिरासत और कई किसानों के लापता होने के बारे में कई अफवाहें फैलाई जा रही हैं। दिल्ली पुलिस ने 44 मामले दर्ज किए हैं और अब तक 122 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि उनका विवरण दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध है। पुलिस द्वारा किसी को भी अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया गया है। इस बीच पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अधिक किसानों के आने की आशंकाओं के बीच बॉर्डरों पर अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ा दी गई है।