कहते हैं इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता, इस बात को गोविंदपुरी थाने में तैनात दिल्ली पुलिस के एएसआई फय्याज अहमद ने सही साबित कर दिखाया है। फय्याज ने अपना इंसानियत का धर्म निभाते हुए कोविड-19 से मरे एक व्यक्ति का हिंदू-रीति रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार कर मिसाल कायम की।
दरअसल पश्चिम बंगाल में रहने वाले मृतक के परिवार ने दिल्ली आने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद खुद फय्याज ने इस काम का बोझ अपने सिर लिया और ग्रीन पार्क के एक श्मशान घाट में मृतक का अंतिम संस्कार करवाया। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी फय्याज के इस काम की जमकर तारीफ की है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि 19 अप्रैल को गोविंदपुरी थाना पुलिस को सूचना मिली कि तुगलकाबाद एक्सटेंशन के मकान में किसी की मौत हो गई है और दरवाजा अंदर से बद है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़कर शव निकला गया। एम्स मोर्चरी में शव को रखवाकर उसका कोविड जांच के लिए सैंपल भेजा गया।
मृतक की शिनाख्त पश्चिम बंगाल निवासी स्नेहांशु बिसवास (52) के रूप में हुई। परिजनों को फोन पर उसकी मौत की खबर दी गई तो उन्होंने दिल्ली आने से इंकार कर दिया। स्नेहांशु की कोविड रिपोर्ट पॉजीटिव आई। परिजनों ने शव किसी पड़ोसी को सौंपने की बात की। लेकिन कोई भी तैयार नहीं हुआ।
ऐसे समय में एएसआई फय्याज अहमद ने खुद इसकी जिम्मेदारी ली। एंबुलेंस की मदद से वह शव को एम्स मोर्चरी से ग्रीन पार्क के एक श्मशान घाट पर लाए। यहां हिंदू रीति रिवाज से स्नेहांशु का अंतिम संस्कार करवाया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की सूचना दी। सीनियर अधिकारियों का इसका पता चला तो उन्होंने फय्याज की जमकर तारीफ की।