राजधानी में 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हो रहा है। पहले चरण में 51 लाख लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगनी है। डॉक्टरों का कहना है कि टीका लगने के बाद लोगों को कई प्रकार की सावधानियां बरतनी होगी। खासकर जो लोग विभिन्न प्रकार का नशा करते हैं उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञ बताते है कि टीका लगने के बाद अगर नशे की लत को नहीं छोड़ा गया तो वैक्सीन का असर सही प्रकार से नहीं होगा। इसलिए जरूरी है कि टीका लगने के बाद नशे की लत छोड़ी जाए।
सफदरजंग अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ जुगल किशोर ने बताया किवैक्सीन का काम शरीर में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडीज बनाना है, लेकिन जो लोग नशा करते हैं उनके अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है । ऐसे में टीका लगने के बाद अगर नशे की लत में कमी नहीं लाई गई तो शरीर में संक्रमण के खिलाफ पर्याप्त एंटीबॉडी नहीं बनेगी। इससे शरीर में वैक्सीन का असर भी सही प्रकार से नहीं होगा। ऐसे में व्यक्ति टीका लगने के बाद भी संक्रमण की चपेट में आ सकता है।
डॉक्टर किशोर ने कहा कि टीका लगने के बाद अगर व्यक्ति ने दो सप्ताह तक नशा नहीं किया है या पहले के मुकाबले कम नशा किया तो शरीर में पर्याप्त संख्या में एंटीबॉडी बन जाएगी । उन्होंने कहा कि ऐसे बहुत कम लोग हैं जो तुरंत नशे की लत को छोड़ देते हैं । ऐसा नहीं भी कर पा रहे हैं तो धीरे-धीरे इस लत को कम करते जाएं। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक बनेगी और टीके का असर भी होगा ।
एम्स के डॉक्टर विक्रम ने बताया कि नशा कोई भी हो, शरीर को खोखला करता है। इससे हर अंग प्रभावित होता है। जो ज्यादा शराब पीते हैं उनकी किडनी पर असर पड़ता है। सिगरेट, बीड़ी पीने वालों के फेफड़ों पर इसका असर पड़ता। जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है। ऐसे में जो लोग वैक्सीन लेंगे। उन्हें नशे की लत में कमी लानी होगी।
रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है प्रभावित
राजीव गांधी अस्पताल के कोविड-19 अधिकारी डॉक्टर अजीत जैन ने बताया कि अस्पताल में भर्ती जिन मरीजों में किसी भी प्रकार के नशे की लत नहीं थी वह जल्दी ठीक होकर घर लौट गए थे। वहीं दूसरी तरफ जिन लोगों ने बीड़ी सिगरेट या शराब का सेवन करने की आदत हुआ करती थी उन्हें ठीक होने में समय लगा था।
राजधानी में 16 फ़ीसदी लोग करते हैं विभिन्न प्रकार का नशा
सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में 16 फ़ीसदी लोग विभिन्न प्रकार के नशा की लत से ग्रसित हैं। इसमे सबसे ज्यादा लोग शराब का सेवन करते है। इसके बाद गुटका तंबाकू , सिगरेट और भांग का नंबर आता है। करीब 6 फ़ीसदी स्ट्रीट चिल्ड्रन ( सड़क पर जीवन यापन करने वाले बच्चे) भी नशे की लत से पीड़ित हैं।