दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ऑक्सीजन सिलिंडर व कन्संट्रेटर के नाम पर ठगी करने वाले झारखंड के एक गिरोह का पर्दाफाश कर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी को झारखंड के चतरा जिले से दबोचा। गिरोह के लोग पूरे देश में ठगी कर रहे थे और अब तक 100 से ज्यादा लोगों से मोटी रकम हड़प चुके हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल व एक चेक बुक बरामद की है।
अपराध शाखा के डीसीपी राजेश देव के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी की शिकायतें आ रही थीं। इनको देखते हुए एसीपी मनोज दीक्षित की देखरेख में एसआई चंदन कुमार, एसआई कृष्ण कुमार व एसआई उदयवीर की टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस टीम को चतरा, झारखंड स्थित एचडीएफसी बैंक का एक खाता नंबर मिला। ठगी की रकम इस खाते में जमा करवाई जा रही थी। यह खाता अप्रैल में खोला गया था। ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी की करीब 25 से ज्यादा बार रकम इस खाते में जमा कराई गई थी। एसआई चंदन कुमार की टीम ने चतरा में दबिश देकर अनिल गंझू (24) को गिरफ्तार कर लिया। ठगी के पांच मामले आरोपी से लिंक हो रहे हैं। आरोपी ने बैंक खाता अपने नाम से खुलवा रखा था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह बिहार व झारखंड निवासी साथी विकास, चंदन व अन्य के साथ मिलकर ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर लोगों को ठगने में लगा हुआ था। उसके साथी नालंदा, बिहार निवासी विकास ने उसको बैंक खाता नंबर देने को कहा था। इसके अलावा अनिल ने विकास को और भी खाता नंबर दिए थे।
उधर, रोहिणी सेक्टर-19 निवासी नवनीत के साथ घर पर ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी होने का मामला सामने आया है। नवनीत के अनुसार उन्होंने 14 मई को पत्नी को सांस लेने में दिक्कत होने पर अपने जानकारों से ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए संपर्क साधा। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट हो रहा मोबाइल नंबर 8850828823 उनको दिया। इस नंबर पर बात करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह ऑक्सीजन का तो चार्ज नहीं ले रहे, लेकिन सिलिंडर की सिक्योरिटी के नाम पर पांच हजार रुपये देने होंगे। नवनीत ने एडवांस के तौर उनको 15 सौ रुपये पेटीएम कर दिए, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं पहुंचाया गया है और न ही 15 सौ रुपये लौटाए जा रहे हैं।
सिलिंडर के नाम पर ठगी का आरोपी धरा
सीमापुरी थाना पुलिस की साइबर सेल ने 10 से अधिक लोगों से ठगी के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जहांगीरपुरी निवासी जयकिशन (23) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित के ससुर को गत 27 अप्रैल को कोरोना हुआ था। हालत बिगड़ने पर उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता थी। इस बीच व्हाट्सएप पर उन्होंने ऑक्सीजन सिलिंडर का विज्ञापन देखा और संबंधित व्यक्ति को फोन किया। व्यक्ति ने एडवांस राशि के तहत दो सिलेंडर के लिए 50 हजार की राशि जमा कराने के लिए कहा। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी के खाते में बैंक राशि को जमा करा दिया, लेकिन सिलिंडर नहीं मिलने पर जब पीड़ित को शक हुआ तो उन्होंने आरोपी को फोन किया, लेकिन आरोपी ने पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज करा दी।