डॉ. अमित गुप्ता
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कोरोना वायरस से सैकड़ों मरीजों की जान बचाने वाले डॉक्टर के प्राण संकट में हैं। दिल्ली के सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल के बाल रोग विभाग में तैनात डॉ. अमित गुप्ता कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। गंभीर बात यह है कि इनका परिवार बीते 22 अप्रैल से अस्पतालों के चक्कर लगा रहा है और कहीं भी इन्हें मदद नहीं मिली। पीतमपुरा निवासी 38 वर्षीय डॉ. अमित गुप्ता को संक्रमित होने और सांस लेने में कठिनाई होने पर उन्हीं के अस्पताल में लाया गया लेकिन वहां बेड ही नहीं मिला।
जो डॉक्टर साथी थे उन्होंने डॉक्टर ड्यूटी रूम में ही उन्हें लेटाया और इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक तबीयत काफी बिगड़ने लगी। बहन ऐना ने बताया कि काफी मुश्किलों के बाद श्रीअग्रसेन अस्पताल में भर्ती किया लेकिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बीते मंगलवार को उन्होंने किसी भी तरह डॉ. अमित गुप्ता को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया है, लेकिन अब वहां एकमो मशीन मांग रहे हैं जोकि आसानी से उपलब्ध नहीं होती।
ऐना ने बताया कि जब से उनके भाई बीमार पड़े हैं तब से अस्पताल प्रबंधन और दिल्ली सरकार के साथ साथ किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। ऐना ने कहा, मेरे भाई ने रात दिन की परवाह किए बगैर लोगों की सेवा की। अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए उन्होंने अस्पताल में कोरोना वार्ड में उपचार किया लेकिन जब आफत उन पर आई तो एक भी हाथ मदद के लिए आगे नहीं बढ़ा।
ऐना ने कहा कि डॉ. अमित गुप्ता की इस हालत का जिम्मेदार पूरा प्रशासन है। अगर समय रहते उनके भाई का इलाज शुरू हो जाता तो अभी इतनी गंभीर स्थिति में वह नहीं जाते। कोरोना योद्घा के लिए तालियां बजाने वाली सरकार अब उन्हीं को इलाज तक नहीं दिलावा पा रही है।
उधर बुधवार देर रात फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के संज्ञान में जब यह मामला आया तो रात में दिल्ली के सभी अस्पतालों के डॉक्टरों को अलर्ट करते हुए तत्काल परिवार की मदद के लिए कहा गया है। डॉ. गुप्ता और उनके परिवार को मदद का इंतजार है।