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बवालियों ने कर लिया था पुलिस के वायरलेस नेटवर्क पर कब्जा, लूटे आंसू गैस और मिर्च बम के गोले

Thu, 28 Jan 2021 03:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
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लाल किले पर प्रदर्शन करते किसान - फोटो : पीटीआई
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मंगलवार को किसानों ने न सिर्फ दिल्ली पुलिस के जवानों से मारपीट कर सरकारी और निजी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया, बल्कि बाहरी जिले में पुलिस के वायरलेस सेट नेटवर्क पर भी कब्जा कर लिया था। हिंसक किसान काफी देर तक पुलिस के वायरलेस मैसेज सुनते रहे। उपद्रवी समयपुर बादली थाना इलाके में पुलिसवालों से एक पिस्टल और 10 कारतूस भी छीनकर ले गए।

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दूसरी ओर, गृह मंत्रालय के कार्रवाई के आदेश के बाद पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव एक-एक एफआईआर पर खुद नजर रख रहे हैं। उनके निर्देश के बाद ही एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। रिपोर्ट दर्ज करने से पहले पुलिस आयुक्त खुद एफआईआर का मजमून भी चेक कर संशोधन के सुझाव भी दे रहे हैं।

बाहरी जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीकरी बॉर्डर से चलकर किसान नांगलोई टी-प्वाइंट पर रुक गए थे। यहां से इनको नजफगढ़ जाना था। किसानों ने यहां बड़े कंटेनर को पलट दिया और हिंसा पर उतारू हो गए। उग्र किसानों ने यहां पश्चिमी विहार थाने में तैनात पुलिसकर्मियों से दो वायरलेस सेट छीन लिए। कुछ देर बाद 100 नंबर पर वायरलेस सेट छीनने की सूचना दे दी गई। इसके आधे से पौने घंटे बाद उन वायरलेस सेट की फ्रिक्वेंसी बंद की गई। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम तक इन वायरलेस सेट का कुछ पता नहीं लगा था।
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बाहरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नांगलोई टी प्वाइंट पर उग्र किसान 180 आंसू गैस के गोले और गन छीनकर ले गए। दिल्ली पुलिस ने इन आंसू गैस के गोलों को तलाशने के लिए अभियान चला रखा है। बुधवार शाम तक इनका पता नहीं चला था। बाहरी जिले के नांगलोई थाने में चार व पश्चिमी विहार थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है। इन एफआईआर में 40 किसान संगठनों के नेताओं को नामजद किया गया है। इनमें डकैती की धारा 395 व हत्या के प्रयास जैसी धाराएं हैं। 

आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का एक पंफलेट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें 11 जनवरी की तारीख है। इसके मुताबिक, एसएफजे ने पंजाब के सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से कहा था कि जो 26 जनवरी को खालिस्तान का झंडा इंडिया गेट पर फहराएगा, उसे ढाई लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया जाएगा। इसी पंफलेट में कहा गया था कि नए कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब के किसान गणतंत्र दिवस की परेड के समानांतर एक ट्रैक्टर रैली निकालेंगे।
 

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आंसू गैस के 12 और मिर्च बम के 20 गोले लूटे

पांडव नगर के समसपुर गांव के पास एनएच-24 और एनएच-9 पर किसानें के बवाल के दौरान एक एसीपी समेत कुल 36 पुलिसकर्मी जख्मी हुए। घायलों को एलबीएस और हेडगेवार अस्पताल ले जाया गया। गनीमत रही कि कोई भी पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी नहीं हुआ। किसानों ने सार्वजनिक और निजी संपत्ति में तोड़फोड़ करने के अलावा लूटपाट और जानलेवा हमला भी किया।

पुलिस ने पांडव नगर थाने में घायल एसआई सोनू सिंह की शिकायत पर बलवा करने, लूटपाट, सरकारी काम में बाधा, ड्यूटी के दौरान हमला, आपराधिक साजिश और महामारी अधिनियम समेत कुल 17  धाराओं में मामला दर्ज किया है। उन्होंने शिकायत में कहा कि सुबह करीब 11 बजे वे पुलिसकर्मियों के साथ ड्यूटी पर थे। अचानक गाजीपुर की ओर से आए किसानों ने ट्रैक्टर से बैरिकेडिंग तोड़नी शुरू कर दी। रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस कर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। डंडों और तलवार से पुलिस पर हमला किया।

बवाल के दौरान आरोपियों दो डीटीसी बसों, 18 प्राइवेट वाहनों (टेंपो और ट्रक) को तोड़ दिया। इसके अलावा पुलिस कर्मियों से आंसू गैस के 12 गोले, मिर्च बम के 20 गोले लूट लिए। किसानों ने वहां खड़ी एक क्रेन पर भी कब्जा कर लिया। उसकी मदद से बड़े-बड़े पत्थरों को हटा दिया गया। बाद में क्रेन को अक्षरधाम के पास छोड़कर आरोपी फरार हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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