दिल्ली सरकार ने वैक्सीन को मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि निजी अस्पतालों के पास वैक्सीन है, लेकिन किसी भी राज्य सरकार के पास अपने युवाओं को मुफ्त में लगाने के टीके उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए सवाल किया कि निजी अस्पतालों के पास इतनी बड़ी मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध क्यों है? क्या केंद्र सरकार उन्हें पिछले दरवाजे से उपलब्ध करा रही है।
डिजिटल प्रेसवार्ता में सिसोदिया ने कहा, भारत में वैक्सीन की इतनी किल्लत होने के बावजूद केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से दूर भाग रही है और भाजपा के बड़े नेता केंद्र की नाकामियों को छुपाने के लिए बयानबाजी करना नहीं छोड़ रहे हैं। भाजपा के नेता अब नींद से जागे और गंदी राजनीति करने के बजाय देश की जनता के लिए वैक्सीन उपलब्ध करवाएं। जनता सवाल पूछती है कि वैक्सीन कब आएगी, वैक्सीन के लिए ग्लोबल ऑडर क्यों नहीं दिए, हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेशों में क्यों और कितने में बेची, लेकिन भाजपा नेता इन सवालों का कोई जवाब नहीं देते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब भाजपा के नेताओं को बताना होगा कि भारत के युवाओं के हिस्से की वैक्सीन विदेशों में क्यों बेची? वैक्सीन के लिए जारी किया गया 36 हजार करोड़ का बजट कहां गया? भारत में वैक्सीन बने 8 महीने हो चुके हैं, उसके बावजूद देश में वैक्सीन उपलब्ध क्यों नहीं है?
कमा रही है मुनाफा
सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों को वैक्सीन मुहैया नहीं करा रही है, जिससे राज्यों को अपने वैक्सीनेशन केंद्रों को बंद करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वैक्सीन के लिए केंद्र सरकार का कथित 36 हजार करोड़ का बजट वैक्सीन पर खर्च करने के लिए है या वैक्सीन को बेचकर मुनाफा कमाने के लिए है।
बयानबाजी से बचें भाजपा नेता
सिसोदिया ने कहा कि देश को वैक्सीन की जरूरत है, इसलिए केंद्र जनता को वैक्सीन मुहैया करवाए न कि उसके नेता बयानबाजी करें। केंद्र सरकार की ये जबावदेही है कि वो जनता के सवालों का जबाव दे। केंद्र को ये स्वीकार करना होगा कि उनके नेतृत्व क्षमता की कमी से भारत में वैक्सीनेशन कार्यक्रम का बंटाधार हो गया है।
केंद्र और निजी अस्पतालों में मिलीभगत : आतिशी
आप विधायक आतिशी ने कहा कि केंद्र सरकार निजी अस्पतालों को वैक्सीन उपलब्ध कर रही है, लेकिन दिल्ली के लिए केंद्र के पास वैक्सीन नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निजी अस्पतालों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।
वैक्सीन बुलेटिन जारी करते हुए आतिशी ने कहा कि वैक्सीन की कमी के कारण दिल्ली सरकार के टीकाकरण केंद्रों में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण नहीं हो रहा है, लेकिन निजी अस्पतालों के पास वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। यह अस्पताल कई गुना ज्यादा कीमत पर लोगों को टीका लगा रहे हैं, जबकि दिल्ली सरकार निशुल्क टीका लगा रही है। आतिशी ने कहा कि पिछले 24 घंटों में कुल 38,126 लोगों का टीकाकरण हुआ है। दिल्ली में अब तक कुल 54 लाख 98 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।