लालकिला हिंसा के ज्यादातर आरोपी किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू और श्रवण सिंह पंढेर ग्रुप से जुड़े हुए हैं। इसी ग्रुप के लोगों ने लालकिले पर हिंसा की थी और झंडा फहराया था। इससे पहले उन्होंने सबसे पहले सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेडिंग तोड़ी थी। अपराध शाखा की जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस जांच कर रही है कि इस ग्रुप के लोगों को कौन आदेश देता था और लालकिला हिंसा व धार्मिक झंडा फहराने की साजिश कब से रची जा रही थी। दिल्ली पुलिस से नोटिस मिलने के बावजूद दोनों किसान नेता जांच में भी शामिल नहीं हुए।
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) प्रवीर रंजन ने बताया कि जांच चल रही है कि इस ग्रुप में कौन-कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू व कश्मीर में किसान आंदोलन को किसान नेता मोहिंदर सिंह खालसा ने खड़ा किया था, जो दो दिन पहले गिरफ्तार हो चुका है। मोहिंदर सिंह ने ही जम्मू में किसानों के रेल रोको आह्वान के तहत रेल रोकी थीं।
मोहिंदर की कॉल डिटेल से पता चला है कि वह अपने काफी समर्थकों के साथ जम्मू से दिल्ली आया था। यहां वह सिंघु बॉर्डर गया और सतनाम सिंह पन्नू के संपर्क में रहा। ट्रैक्टर रैली के साथ 26 जनवरी को लालकिले पर भी पहुंचा और हिंसा में शामिल हुआ। हिंसा के बाद रात करीब पौने आठ बजे वह लालकिले से जम्मू चला गया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लालकिले से आरोपी जम्मू कैसे गए। पुलिस ने मोहिंदर व मंदीप को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर ले रखा है।
आंदोलन को हो रही है फंडिंग
दिल्ली पुलिस को संकेत मिले हैं कि कुछ किसान नेताओं को आंदोलन के लिए फंडिंग हो रही है। पुलिस जांच कर रही है कि वहां कहां से और किसके पास हो रही है। ये भी बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है।
निर्दोष को परेशान नहीं करने के आदेश
विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि अपराध शाखा की सभी टीमों को आदेश दिए गए हैं कि वह हिंसा के आरोपियों के नाम पर किसी निर्दोष को परेशान न करें। आरोपियों को ही पूछताछ के लिए बुलाया जाए या फिर गिरफ्तार किया जाए।
पंजाब में दबिश देने से कतरा रही पुलिस
पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस यूपी व उत्तराखंड के बाद अब पंजाब में भी दबिश देने से कतरा रही है। पंजाब पुलिस ने दिल्ली पुलिस को सहयोग देना बंद कर दिया है। पंजाब की किसान यूनियनों ने भी दिल्ली पुलिस को किसी आरोपी को पकड़ने में किसी तरह की सहायता करने से इनकार कर दिया है। जम्मू पुलिस का सहयोग मिलने के बाद ही मोहिंदर सिंह खालसा व मंदीप को गिरफ्तार किया जा सका।