आंदोलन को लंबे समय तक चलाने के लिए किसान लगातार प्रयास कर रहे हैं। पंजाब के किसानों को एकजुट करने और उन्हें दोबारा दिल्ली लाने के लिए पंजाब के बरनाला दाना मंडी में महारैली का आयोजन किया जा रहा है। रविवार सुबह 11 बजे आयोजित होने वाली रैली में शामिल होने के लिए लंबे समय से दिल्ली में डटे कई बड़े किसान नेता शनिवार को ही बरनाला रवाना हो गए।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और पंजाब खेत मजदूर यूनियन की ओर से 21 फरवरी को बरनाला की दाना मंडी में महारैली होनी है। इसका नाम मजदूर किसान एकता महारैली रखा गया है।
किसानों का दावा है कि महारैली में दो लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेता सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने कहा कि रैली में केंद्र सरकार की पोल खोली जाएगी। किसानों और मजदूरों को बताया जाएगा कि उनके खिलाफ सरकार किस तरह साजिश रच रही है।
पंजाब खेत मजदूर यूनियन के सचिव लछमन सिंह सेवेवाला ने बताया कि महारैली को संयुक्त किसान मोर्चा के नेता संबोधित करेंगे। इसमें किसानों और मजदूरों की एकजुटता महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली बार्डर पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन अकेला किसानों का नहीं है, बल्कि यह देश के हर उस वर्ग का है जो अन्नदाता की कद्र करता है। जब तक कृषि कानून वापस नहीं होते हैं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों को विश्वास है कि भारतीय किसान यूनियन उगराहां और संयुक्त किसान मोर्चा का यह सामूहिक प्रयास रंग लाएगा। दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन फिर से बड़ा स्वरूप धारण करेगा।