भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के आंसू किसान आंदोलन ही नहीं, विपक्ष के लिए भी ‘संजीवनी’ बन गए हैं। दो माह से गैर राजनीतिक तरीके से चल रहे आंदोलन पर टिकैत की मार्मिक अपील के बाद सियासी रंग चढ़ गया है। अभी तक जिन नेताओं को धरनास्थलों के आसपास तक नहीं जाने दिया जा रहा था अब वे ही अन्नदाताओं की दुखती रगों पर सियासी रोटियां सेकने पहुंच गए हैं।
शुक्रवार रात तक दर्जनों नेता समर्थकों के साथ गाजीपुर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर पहुंचे। खासकर, गाजीपुर बॉर्डर पर तो यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती ने रातों-रात टीमें भेज दीं।
सियासी गलियारों में बृहस्पतिवार शाम से हलचल शुरू हो गई थी। पुलिस-प्रशासन की सख्ती के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहा धरना लगभग समाप्ति की ओर था। राकेश टिकैत समर्थकों के साथ सम्मानजनक गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन एन वक्त पर एक नेता और उसके समर्थकों ने पहुंचकर पूरा खेल बिगाड़ दिया। इस बीच मंच पर मौजूद टिकैत की आंखें भर आईं। उन्होंने लोगों से किसानों का साथ देने की अपील की।
किसानों से पहले पहुंचे नेता
टिकैत की अपील के बाद यूपी, हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब तक के किसान दिल्ली के लिए चल पड़े। वह तड़के पांच बजे गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचने शुरू हुए थे, लेकिन उनसे पहले ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के नेता पहुंच गए। उन्होंने साफ कहा कि वे पार्टी हाईकमान के निर्देश पर किसानों का साथ देने पहुंचे हैं। दिन निकलते ही राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी पहुंचे। इस बीच गाजीपुर में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सिंघु बॉर्डर पर मंत्री सत्येंद्र जैन पहुंच गए। शिरोमणि अकाली दल और जागो पार्टी के लोग भी पीछे नहीं रहे। इनके साथ क्षेत्रीय दलों के नेता भी सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर किसानों से सहानुभूति दिखाने पहुंचे।
कई खापों के चौधरियों ने भी डाला डेरा
गाजीपुर बॉर्डर पर यूपी और हरियाणा के कई खाप चौधरियों ने भी डेरा डाल लिया है। बागपत से चौरासी खाप चौधरी सुरेंद्र सिंह के साथ पहुंचे विश्वास चौधरी ने कहा कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक नए कानून वापस नहीं हो जाते हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश चौधरी भी दर्जनों समर्थकों के साथ गाजीपुर पहुंचे। शामली जिले से बत्तीसा खाप के लोग भी धरने में शामिल हुए। निर्वाल खाप के भारत चौधरी बाबा राजवीर सिंह मुंडेट ने भी किसानों की आवाज बुलंद की। चौहान और पंवार खाप के प्रतिनिधि भी आंदोलन में शामिल हुए। हरियाणा से भी कई खाप चौधरी गाजीपुर पहुंचे।
ट्विटर वार...
किसानों का झुकाव अपनी ओर करने के लिए नेताओं में ट्विटर वार भी चला। विपक्ष के ज्यादातर नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना और किसानों की मांगों को जायज ठहराया। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने लिख डाला कि...दंगे की आड़ में निर्दोष किसान नेताओं को बलि का बकरा न बनाएं। इनके अलावा भी कई नेताओं ने खुद को किसानों का हमकदम बताया है।