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दिल्ली : ताकि न थम जाए सांसों की डोर, राजधानी में लगाया गया ऑक्सीजन लंगर

Fri, 07 May 2021 05:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • सिख समुदाय आपूर्ति के लिए प्लांट लगाने में जुटा
  • सुबह से ही ऑक्सीजन लेने वालों की लग जाती हैं लाइनें
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ऑक्सीजन के लिए मायापुरी में लगी लाइन... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना काल में लोग मदद के लिए भी आगे आ रहे हैं। खासतौर पर सिख समुदाय ऑक्सीजन देकर टूटती सांसों को सहारा दे रहा है। खाना के लिए तो लंगर लगाए ही जा रहे हैं, साथ ही ऑक्सीजन का लंगर भी लगाया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद कोविड मरीजों के लिए सिलिंडर में ऑक्सीजन भरवाकर उखड़ती सांसों को वापस ला सके।

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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ जहां गुरुद्वारा बाला साहिब में लोगों को राहत देने में सेवादार जुटे हैं तो गुरुद्वारा सिंह सभा ग्रेटर कैलाश में प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके खुद बड़े ऑक्सीजन के सिलिंडर से तीमारदारों द्वारा लेकर पहुंचे ऑक्सीजन सिलिंडर को भरवा रहे हैं। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक अन्य पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने तो कोंडली में ऑक्सीजन प्लांट ही लगाने का काम शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह से यहां से भी ऑक्सीजन लंगर की शुरुआत कर दी जाएगी।

गुरुद्वारा सिंह सभा ग्रेटर कैलाश
ऑक्सीजन की कमी और इसकी जरूरत आप उन लोगों के चेहरे पर देख सकते हैं जो महज पांच लीटर ऑक्सीजन के लिए गुरुद्वारा में सुबह से ही लाइन में खड़े हो जाते हैं। वक्त दोपहर 12 बजे का था, जब पसीने से तरबतर लोग ऑक्सीजन पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। दरअसल, उन्हें रोज की तरह आस थी कि यही वह एक जगह है जहां अपने मरीजों के लिए जीवन की डोर लेकर पहुंच सकेंगे।
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सुबह सात बजे से ही लंबी-लंबी लाइन
पूर्वी दिल्ली के शाहदरा से पहुंचे राजेश कुमार सुबह से ही ग्रेटर कैलाश अपना खाली सिलिंडर लेकर पहुंच गए थे। दोपहर एक बजे जैसे ही भरा हुआ सिलिंडर गुरुद्वारा सिंह सभा पहुंचा उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। ऑक्सीजन लेने वाले कतार में वह काफी पीछे थे, लेकिन उन्हें यकीन था कि अपना खाली सिलिंडर भरवाकर ही घर पहुंचेंगे। 

पहले पूरी जांच-पड़ताल
ऑक्सीजन की किसी तरह की कालाबाजारी ना हो और जरूरतमंदों को ही मिले, इसकी पूरी तहकीकात की जा रही है। सेवादार रजिस्टर में ऑक्सीजन लेने वालों से मरीज का नाम, किस अस्पताल में भती हैं और यहां तक कि कोविड रिपोर्ट देखकर ही ऑक्सीजन दे रहे हैं। रजिस्टर में नाम दर्ज करा रहे सूबे सिंह का कहना था कि दूसरी बार यहां से ऑक्सीजन ले जा रहे हैं। भीड़ तो अधिक होती है, लेकिन जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन मिल जाती है।

सेवादारों की अहम भूमिका
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके खुद मौके पर पहुंचकर यह कहते दिखें कि ऑक्सीजन की आपूर्ति सभी को की जाएगी, जो भी गुरु के दरबार में पहुंचा है उसे खाली हाथ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से अपील की है कि अगर गुरुद्वारे की तरह ही मंदिर और मस्जिद में भी ऑक्सीजन लंगर शुरू कर दिया जाए तो किसी की सांस नहीं टूटेगी। 
 
गुरुद्वारा बाला साहिब निजामुद्दीन
गुरुद्वारा बाला साहिब में भी ऑक्सीजन लंगर का इंतजाम किया गया है। ऑक्सीजन लेवल चेक कर यहां डॉक्टरों की निगरानी में सेवादार मरीजों को ऑक्सीजन दे रहे हैं। यहां ना केवल सिख धर्म के बल्कि जिसे भी जरूरत है उसे ऑक्सीजन की सेवा दी जा रही है। प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि गुरुद्वारा की तरफ से हर कोशिश की जा रही है, ताकि कोविड मरीजों को परेशानी से बचाया जा सके। जल्द ही गुरुद्वारा रकाबगंज में ऑक्सीजन युक्त 500 बेड का कोविड केयर सेंटर समर्पित किया जाएगा।

ऑक्सीजन लंगर के लिए प्लांट लगाया जा रहा है
दिल्ली के कोंडली इलाके में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की शुरुआत कर दी गई है। यहां जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो जाएगा, जहां से जरूरतमंदों के लिए ऑक्सीजन मुहैया कराया जाएगा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट लग जाने से सभी समुदाय के लोगों के लिए लंगर लगेगा। कोई भी समुदाय के लोग खाली सिलिंडर लाकर यहां से भरवा सकेंगे। बड़े सिलिंडर भी भरवाकर अस्पतालों व कोविड कोयर सेंटर में भेजे जाएंगे।

मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र भी पहुंच रहे हैं लोग
ऑक्सीजन की मांग इतनी बढ़ गई है कि तीमारदार ऑक्सीजन के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लगकर अपने-अपने छोटे सिलिंडर को भरवा रहे है। मायापुरी स्थित औद्योगिक एरिया में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। यहां भी बड़ी संख्या में पहुंचकर लोग ऑक्सीजन अपने मरीजों के लिए ले जा रहे हैं।
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