महामारी के दौरान बदले हालात में लोग थानों में शिकायत के लिए नहीं, बल्कि मदद मांगने के लिए कॉल करने लगे हैं। पुलिस भी जरूरतमंदों की आगे बढ़कर सहायता कर रही है। यहां तक कि दिल्ली के कई थानों में ऑक्सीजन के सिलिंडर भरवाकर रखे गए हैं, ताकि जरूरतमंद मरीजों तक तत्काल पहुंचाए जा सकें।
पुलिस अधिकारी बताते हैं कि इन दिनों थानों में क्राइम का ग्राफ कम है। अब शिकायतों वाले कम ही कॉल थाने में आ रहे हैं। ज्यादातर कॉल में लोग मदद की गुहार लगाते हैं। कोई ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराने की बात कहता है तो कोई दुकान पर दवा नहीं मिलने और उसे उपलब्ध कराने के लिए फोन करता है। राजधानी में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच ऑक्सीजन की कमी है। अस्पतालों के साथ-साथ काफी लोग घरों में भी इलाज करा रहे हैं। घरों में मरीज सांस लेने में दिक्कत होने पर ऑक्सीजन का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बाजार से ऑक्सीजन सिलिंडर मिलने में काफी परेशानी होती है। ऐसे में वे पुलिस से मदद मांगते हैं।
इसे देखते हुए पुलिस ने कई थानों में ऑक्सीजन सिलिंडर रखे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को आसानी से मुहैया कराए जा सकें। खाली सिलिंडर लेकर उसे दोबारा भरवा दिया जाता है। डाबड़ी थाना प्रभारी सुरेंद्र संधु ने अपने थाने में सिलिंडर रखे हैं। उनका कहना है कि महामारी के दौर में किसी पुलिसकर्मी को भी जरूरत पड़ सकती है। इलाके से एक दिन में करीब 1500 कॉल आती हैं।
ऐसे ही नजफगढ़, छावला, बाबा हरिदास नगर और अन्य थानों की पुलिस भी ऑक्सीजन सिलिंडर रख रही है। द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा के मुताबिक, इन दिनों ज्यादातर कॉल महामारी में मदद मांगने के लिए आ रही हैं। लोग पुलिस से ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता के लिए सहायता मांग रहे हैं। इसके बाद थाना प्रभारी जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं।
डॉक्टरों को मरीजों के घर तक पहुंचाने की तैयारी
डाबड़ी थाना पुलिस ने इस विकट दौर में डॉक्टरों को मरीजों के घर तक पहुंचाने की पहल की है। थाना प्रभारी सुरेंद्र संधु ने बताया कि उनके पास कई लोगों के फोन आ रहे हैं। लोग कहते हैं कि उनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। सिर्फ बुखार है। ऐसे में डॉक्टर से इलाज कराना चाहते हैं, लेकिन अस्पताल नहीं जाना चाहते। संधु ने रविवार को डाबड़ी थाने में अपने इलाके के अस्पतालों के डॉक्टरों के साथ बैठक की।
इसमें उन्होंने डॉक्टरों को समस्या से अवगत कराया। साथ ही, अपने कर्मचारियों में भी इस तरह के लक्षण दिखने पर इलाज की बात कही। डॉक्टरों ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी मिलने के बाद वे पूरी एहतियात बरतकर मरीजों का इलाज कर सकते हैं। डॉक्टरों ने थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को महामारी से बचाव के बारे में भी जानकारी दी।