सिंघु बार्डर पर प्रर्दशकारियों के प्रर्दशन करने का तरीका दिन पर दिन बदलता जा रहा हैं। कुछ लोग यहां पर नारेबाजी और भूख हड़ताल पर बैठ कानून का विरोध जता रहे हैं वहीं एक शख्स ऐसा भी हैं जो पिछले 50 दिनो से अपने आप को पूरी तरह से लोहे की जंजीर से जकड़ कर उसमें ताले लगाकर कानून के खिलाफ विरोध जता रहा है।
जंजीर से बंधे इस शख्स का नाम काबल सिंह है जोकि पंजाब के फाजिल्का जिले के रूकन्दपुरा गांव से आया है। काबल सिंह का कहना हैं कि हम जो किसान हैं वह इसी तरह से जंजीरो में जकड़े हुए हैं। मेरी ही तरह इस देश के दूसरे लोग भी जंजीरो से जकड़े हुए हैं लेकिन वह जंजीरे दिखाई नही देती हैं। हम किसान कर्ज के तले जकड़े हुए हैं।
हमें अपनी फसलों की एमएसपी भी नहीं मिलती हैं, फसलों को सस्ते दामो पर बेचना पड़ता हैं। इन्ही सब तरह की जंजीरो से हम वर्षो से जकड़े हुए हैं। इसी जकड़न को दर्शाते हुए में पिछले पचास दिनों से अपने आप को बांधकर कृषि कानून के खिलाफ ठंड के बीच विरोध जता रहा हूं। अपने संदेश में मै सरकार को बताना चाहता हूँ कि वह हमारी व्यथा को समझे और इस कृषि कानून को जल्द से जल्द वापस लें और हम आसानी से अपने घरो को जा सकें और खेती-किसानी कर सकें।