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ट्रैक्टर परेड के दौरान मौत का मामलाः हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और पुलिस से मांगा जवाब

Fri, 12 Feb 2021 05:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई
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हाईकोर्ट ने गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान आईटीओ पर कथित तौर पर ट्रैक्टर पलटने से मृत 25 वर्षीय किसान नवरीत के मामले की एसआईटी से जांच करवाने के मामले में दिल्ली सरकार, पुलिस व अन्य से जवाब मांगा है। मृतक के दादा ने नवरीत की मौत गोली लगने पर संदेह जताया है।

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न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार व पुलिस के लावा उत्तर प्रदेश पुलिस व रामपुर स्थित जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उक्त अस्पताल में ही नवरीत का पोस्टमाटरद़म हुआ है। अदालत ने सभी पक्षों को मामले में अपना पक्ष रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई 26 फरवरी तय की है।

मृतक नवरीत सिंह के दादा हरदीप सिंह ने दायर याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस उनके पोते की मौत ट्रैक्टर पलटने से बता रही है लेकिन चश्मदीद व साक्ष्यों से ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने गोली चलाई थी जो उसके सिर में लगी जिसके कारण नवरीत ट्रैक्टर पर से नियंत्रण नहीं रख पाया और ट्रैक्टर पलट गया। 
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हरदीप सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि अपने पोते की मौत की सही और निष्पक्ष जांच एवं न्याय पाने के साथ सच्चाई जानने का उन्हें अधिकार है। पुलिस के मुताबिक नवरीत सिंह की मौत आईटीओ पर ट्रैक्टर पलटने की वजह से हुई जो पूर्व निर्धारित ट्रैक्टर परेड के रास्ते से हट कर गाजीपुर बॉर्डर से प्रदर्शन के लिए कई किसानों के साथ वहां पहुंचा था।

घटना के बारे में पुलिस का दावा है कि नवरीत सिंह ट्रैक्टर पलटने से उसके नीचे दब गया जिससे उसकी मौत हो गई। याचिका में कहा गया है कि मीडिया को चश्मदीदों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक नवरीत अपना ट्रैक्टर चला रहा था और जब वह नई दिल्ली स्थित आंध्र एजुकेशन सोसाइटी के पास से गुजरा तो पुलिस ने कथित तौर पर गोली चलाई जिससे उसने नियंत्रण खो दिया और उसका ट्रैक्टर कुछ अवरोधकों से टकराकर पलट गया।

अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर, सौतिक बनर्जी के माध्यम से दायर याचिका में नवरीत के दादा ने अनुरोध किया है कि अदालत द्वारा नियुक्त एवं निगरानी वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) मामले की जांच करे जिसमें उन पुलिस अधिकारियों को शामिल किया जाए जिनका बेदाग करियर रहा हो और जो ईमानदार एवं कुशल हों।
उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि एसआईटी को नियमित तौर पर प्रगति रिपोर्ट अदालत के समक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया जाए ताकि समयबद्ध तरीके से अदालत की निगरानी में जांच पूरी हो सके। 

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