दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना टीकाकरण का दायरा बढ़ाने के लिए अब जिला स्तर पर नए सिरे से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बीते दो दिन में अलग-अलग जिलों में हुई बैठक के बाद यह तय हुआ है कि हर अस्पताल में स्वास्थ्य दूत तैनात किए जाएंगे जो लोगों को टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने में मदद करेंगे।
इसके अलावा सभी अस्पतालों के विभागाध्यक्ष और यूनिट प्रमुख डॉक्टरों से अपील की जा रही है कि वे आगे आकर टीका करवाएं ताकि अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों में एक बेहतर संदेश जा सके। इसके अलावा दिल्ली के जिलों में कोरोना टीकाकरण अभियान को सोशल मीडिया फ्रेंडली बनाने पर काम शुरू हो चुका है। अस्पतालों में सेल्फी बूथ तैयार किए जा रहे हैं जहां टीका लगवाने के बाद स्वास्थ्य कर्मचारी सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करेंगे।
शाहदरा डीएम के कार्यालय में हुई मीटिंग में दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की नोडल ऑफिसर डॉ प्रज्ञा शुक्ला ने सलाह दी है कि टीका लगवाने वालों को कलरफुल सर्टिफिकेट मिलना चाहिए और सेंटर पर एक सेल्फी प्वाइंट बनाना चाहिए, जहां लोग टीका लगवाने के बाद सर्टिफिकेट के साथ सेल्फी लें और उसे अपने वॉट्सएप, फेसबुक और ट्विटर के डीपी में लगाकर औरों के साथ शेयर भी करें।
वहीं नई दिल्ली जिला प्रशासन ने अपने सभी केंद्रों पर मध्यम आवाज में संगीत, प्रतीक्षालय में टीवी का बंदोबस्त करने के साथ ही तालियों के साथ उनका स्वागत करने का फैसला लिया है। नई दिल्ली जिले में करीब चार से पांच केंद्र हैं यहां सभी जगह स्वास्थ्य दूत तैनात किए जा रहे हैं।
डॉ प्रज्ञा का कहना है कि फिलहाल टीका लगवाने वालों की सूची जिला प्रशासन की ओर से प्राप्त हो रही है। इसके चलते अस्पताल को पहले से यह नहीं पता चल पा रहा है कि किसका नाम सूची में होगा और किसका नहीं? जो लोग टीका लगवाने से इंकार कर चुके हैं उनके नाम भी नई सूची में मिल रहे हैं जिसकी वजह से औरों को अभी मौका नहीं मिल पा रहा है।
यही वजह है कि टीकाकरण के आंकड़ें भी कम सामने आ रहे हैं। इसलिए उन्होंने बैठक में सूची बनाने की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन को सौंपने की अपील भी की है। हालांकि इसके लिए अलग से अनुमति ली जा सकती है।