पंजाब से सिंघु बॉर्डर पहुंचा दल....
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तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने अब लंबी लड़ाई के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिंघु की तरह टीकरी में भी बड़ा स्टेज और 45 गुना 200 फुट का एक पंडाल भी तैयार किया जा रहा है ताकि आंदोलनकारियों को धूप से बचाया जा सके। बृहस्पतिवार से टीकरी बॉर्डर पर इस दिशा में पहल होगी। दिल्ली की सीमाओं पर गर्मियों से बचाव के लिए पंखे, कूलर भी लगाए जा रहे हैं। उधर, छह मार्च को केएमपी पर नाकेबंदी की भी तैयारियों में प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं।
सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर किसानों की लंबी होती लड़ाई को देखते हुए उस लिहाज से ही तैयारी की जा रही है। गर्मियों की शुरुआत होने पर आंदोलनकारी किसानों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े इसके लिए बुनियादी सुविधाएं बेहतर की जा रही हैं।
सरहिंद से सिंघु पहुंचा युवाओं का समूह
आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में पंजाब के सरहिंद से रवाना युवाओं का दल बुधवार को सिंघु बॉर्डर पहुंचा। कनाडा निवासी करम बाथ और विकी मान के नेतृत्व में पंजाबी यूनिवर्सिटी की छात्राएं एक मार्च को रिले टॉर्च रन पर निकले। पैदल और साइकिल के साथ रास्ते में भी किसानों के समर्थन में आगे बढ़े युवाओं का स्वागत किया गया।
करम बाथ ने बताया कि देश के किसान दिल्ली की सीमाओं पर अपनी मांगों के समर्थन में डटे हुए हैं। युवा वर्ग भी उनके साथ हैं। इस मार्च के जरिये हमने एकजुटता को बताने की कोशिश की है। किसान देश की रीढ़ है और अगर दुखी हुए तो कैसे तरक्की हो सकती है। इसमें करीब 40 सदस्यों ने हिस्सा लिया। सिंघु बॉर्डर पहुंचने पर सभी का स्वागत किया गया।