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 कृषि कानूनों के खिलाफ : डासना में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को किसानों ने किया जाम, रुकी वाहनों की रफ्तार

Sat, 10 Apr 2021 11:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • 134 दिनों से मांगों के समर्थन में दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं किसान 
  • आज ईस्टर्न पेरिफेरल पर भी चक्का जाम करेंगे किसान
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गाजियाबाद के डासना में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे को किसानों ने किया जाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पलवल में किसान नहीं कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की अपील का पालन

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पलवल के जो किसान कृषि कानूनों के खिलाफ हैं उनका कहना है कि वह किसान संयुक्त मोर्चा की केएमपी बंद करने अपील के साथ नहीं हैं। क्योंकि यह फसल की कटाई का मौसम है ऐसे में हमने किसानों ने उनके खेतों में काम करने को कहा है।



पुलिस कर रही केएमपी खाली कराने के लिए बात : एसपी ट्रैफिक गाजियाबाद
एसपी ट्रैफिक, गाजियाबाद ने जानकारी दी कि, किसानों ने केएमपी जाम कर दिया है। हम लोग जल्दी ही इसे खाली कराने के लिए बात कर रहे हैं ताकि लोगों को असुविधा न हो। लोग अपने वैकल्पिक रूट पर जा रहे हैं। जो भी उपयुक्त स्थान है वहां से डायवर्जन किया जा रहा है। लोग वहां से अपने गंतव्य की तरफ जा रहे हैं।
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डासना में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जाम
आंदोलनकारी किसानों ने आज सुबह आठ बजे से 24 घंटे के लिए कुंडली मानेसर पलवल और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल(केएमपी-केजीपी) हाइवे बंद रखने की चेतावनी के तहत किसानों का चक्काजाम शुरू हो गया है। गाजियाबाद के डासना में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे को किसानों ने जाम कर दिया है और रास्ते में ही बैठ गए हैं। पिछले 134 दिनों से तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग पर दिल्ली की सीमाओं पर किसान अड़े हुए हैं। किसानों की मांगों पर सुनवाई न होने पर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में बंद का निर्णय लिया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा की गुरुवार को हुई बैठक में 13 अप्रैल को दिल्ली की सीमाओं पर खालसा पंथ स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान जलियावाला बाग हत्याकांड की बरसी पर शहीदों के सम्मान में भी कार्यक्रम होंगे।

किसानों ने 14 अप्रैल को संविधान बचाओ दिवस और किसान बहुजन एकता दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान सयुंक्त किसान मोर्चे की सभी स्टेज का संचालन बहुजन समाज के आंदोलनकारी चलाएंगे और वक्ता भी बहुजन होंगे। मोर्चा के नेताओं ने आशंका जताई कि नफरत एवं बंटवारे की भावना से भाजपा नेता हरियाणा में कार्यक्रमों का आयोजन कर सकते हैं। ऐसे हालात को देखते हुए सभी वर्ग से शांतिपूर्ण तरीके से ऐसी विभाजनकारी ताकतों का विरोध करने की अपील की है।

स्थानीय लोगों की भागीदारी के सम्मान में 18 को होंगे कार्यक्रम
संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि किसान आंदोलन में स्थानीय लोगों की भागीदारी और समर्पण को देखते हुए 18 अप्रैल को सभी मोर्चे पर सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस दिन मंच संचालन की भी जिम्मेवारी स्थानीय लोगों की होगी। 20 अप्रैल को धन्ना भगत की जयंती पर उनके गांव धोआ कलां से दिल्ली की सीमाओं पर मिट्टी पहुंचेगी और उनकी याद में टीकरी बॉर्डर पर कार्यक्रम होंगे।

24 अप्रैल को आंदोलन के 150 दिन पूरा होने पर एक हफ्ते के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे। इसमें किसानों, मजदूरों के साथ साथ कर्मचारी, विद्यार्थी, नौजवान, कारोबारी सहित अन्य वर्ग के लोग भी शामिल होंगे। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में देश भर में आंदोलन को समर्थन देने वाले संगठनों की कंवेशन होगी। इसमें आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर तेज किया जाएगा। संसद मार्च के लिए फिलहाल तारीख तय नहीं की गई है। 
 
आज ईस्टर्न पेरिफेरल पर चक्का जाम करेंगे किसान
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर जनपद में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सिरसा गांव के नजदीक टोल प्लाजा पर चक्का जाम करेंगे। जाम को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार में जुटे रहे। वे अधिक से अधिक लोगों से पहुंचने का आह्वान करते रहे।

तीन कृषि कानून को वापल लेने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का लंबे समय से दिल्ली में आंदोलन चल रहा है। आंदोलन के तहत शनिवार को कई जगह चक्का जाम का कार्यक्रम है, जिसके तहत गौतमबुद्ध नगर के किसान शनिवार को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सिरसा में चक्का जाम करेंगे। भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान ने बताया कि चक्का जाम जिलाध्यक्ष अनित कसाना और मेरठ मंडल अध्यक्ष और प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना के नेतृत्व में किया जाएगा। 
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चक्का जाम से अधिक से अधिक किसानों को जुटाने के लिए संगठन के पदाधिकारी सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्ट करके अधिक से अधिक लोगों को पहुंचने का आह्वान कर रहे है। इस बारे में सूचना मिलने पर पुलिस भी तैयारी में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि चक्का जाम के दौरान वाहन चालकों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। कोविड-19 और धारा 144 के नियमों का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।

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