प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिहाज से 2000 नई मिनी बसें शामिल की जाएंगी। सभी बसें इलेक्ट्रिक वाहन ही हों इसके लिए सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। इस योजना को अमली जामा पहनाने से दिल्ली वासियों के लिए सफर सुलभ होगा और पर्यावरण में प्रदूषण में भी कमी आएगी। साल के अंत तक दिल्ली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें भी दौड़ने लगेंगी। 300 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद चरणों में होगी। दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी के जरिये दिल्ली के पर्यावरण सुधार की दिशा में की गई पहल को आगे बढ़ाने में दिल्लीवासियों की भूमिका बेहद अहम होगी।
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली सरकार की ई व्हीकल पॉलिसी से दिल्ली की फिजा और दिल्लीवासियों की जीवन शैली में बदलाव के लिए किए जा रहे प्रयासों की बारीकियां बताईं।
विशेष बातचीत में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट के साथ साथ ईवी पॉलिसी में थ्री व्हीलर की स्क्रैपिंग और डी रजिस्ट्रेशन पर 7500 रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इससे नए वाहनों की खरीद में भी वित्तीय राहत मिलेगी।
आठ हफ्ते का अभियान स्विच ऑन दिल्ली के जरिये दिल्ली वासियों को इलेक्ट्रिक वाहनों के फायदे और ईवी पॉलिसी के तहत मिलने वाले फायदों के बारे में लोगों को जानकारियां दी जा रही है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहनों की तुलना में प्रदूषण में ही केवल कमी नहीं आएगी बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों से टू व्हीलर और कारों पर ईंधन के मद में होने वाली सालाना खपत में भी हजारों रुपये की बचत होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों से न केवल वायु प्रदूषण बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी नहीं होगा।
होंगे 500 चार्जिंग प्वाइंट
कैलाश गहलोत ने बताया कि फिलहाल 70 चार्जिंग स्टेशन बन चुके हैं। पूरी दिल्ली में 100 चार्जिंग स्टेशन बनाने की पहल हो चुकी है। इसमें करीब 500्र चार्जिंग प्वाइंट होंगे। ईवी पॉलिसी में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरस्त करते हुए प्रत्येक तीन किलोमीटर के दायरे में एक चार्जिंग स्टेशन का लक्ष्य है।
साल के अंत तक इलेक्ट्रिक बसें भी दौड़ने लगेंगी
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया है। अब तक करीब 7000 इलेक्ट्रिक वाहन पिछले छह महीने में पंजीकृत हो चुके हैं। साल के अंत तक दिल्ली की सड़कों पर 300 इलेक्ट्रिक बसों को लाने की शुरुआत कर दी जाएगी। इससे लोगों को प्रदूषण मुक्त परिवहन व्यवस्था के फायदे भी महसूस होने लगेंगे। प्रति किलोमीटर 68.50 रुपये का रेट होगा ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन मिल सके।
2000 मिनी बसें आएंगी, ग्रामीण सेवा-आरटीवी को भी बढ़ावा
कैलाश गहलोत ने बताया कि लास्ट माइल कनेक्टिविटी को और बेहतर करने के लिए 2000 छोटी बसें शामिल की जाएंगी। कोशिश है कि इलेक्ट्रिक बसें हो और इस दिशा में पहल करने वालों को सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
ग्रामीण सेवा और आरटीवी को भी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
मई में पहले चरण में शामिल होंगी 80 लो फ्लोर एसी बसें
दिल्ली परिवहन निगम(डीटीसी)के बेड़े में 12 साल बाद लो फ्लोर एसी बसों को शामिल करने की शुरुआत की जा रही है। प्रोटोटाइप(मॉडल) के बाद मई में पहले चरण के तहत 80 बसें सड़कों पर उतार दी जाएंगी। चरणों में 1000 नई बसें शामिल की जाएंगी। इससे बसों की कमी भी दूर होंगी और दिल्लीवासियों के लिए एक से दूसरे जगह तक पहुंचना आसान होगा।
एक इलेक्ट्रिक टू व्हीलर से 1.98 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी
इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहनों में स्विच करने से पेट्रोल स्कूटर पर 22 हजार जबकि बाइक के मद में 20 रुपये तक की बचत होगी। औसत एक इलेक्ट्रिक टू व्हीलर के इस्तेमाल से करीब 1.98 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। प्रदूषण में कमी के लिए 11 पेड़ों से उत्सर्जन में इतनी ही कमी होती है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल पर कई तरह की वित्तीय राहत
- दिल्ली की ईवी पॉलिसी के तहत प्रति किलोवाट बैटरी क्षमता वाले वाहन खरीदने पर पंजीकृत मालिक को प्रति वाहन 5,000 रुपये का प्रदान किया जाएगा। अधिकतम 30 हजार रुपये प्रति वाहन प्राप्त कर सकता है।
- 10 वर्षों की अवधि में एक इलेक्ट्रिक टू व्हीलर के स्वामित्व की कुल लागत दिल्ली में पेट्रोल स्कूटर का करीब 50 प्रतिशत है। पेट्रोल बाइक के लिए यह 54 प्रतिशत है।
- इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहन, पेट्रोल स्कूटर की तुलना में प्रति किलोमीटर 2.05 रुपये तक सस्ते हैं। पेट्रोल बाइक की तुलना में यह 1.82 रुपए प्रति किलोमीटर है। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर पर स्विच करने पर 1650 से 1850 रुपए तक की मासिक बचत की जा सकती है।
- दिल्ली की ईवी नीति के तहत 23 दोपहिया मॉडल उपलब्ध हैं। 7 निर्माता कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और स्क्रैपिंग के लिए योग्य बताया गया है।
- दिल्ली सरकार की ईवी नीति के तहत इलेक्ट्रिक तिपहिया ऑटो पर दी जा रही सब्सिडी से कीमत में 26 प्रतिशत तक कमी आएगी। ई-रिक्शा पर मिलने वाली सब्सिडी से लागत में 33 फीसदी तक की बचत हो सकती है।