आंकड़ों पर एक नजर
कुल मरीज 6,39,289
स्वस्थ हुए 6,27,044
मौतें 10919
रिकवरी दर 98
संक्रमण दर 0.34
देश में दिल्ली की स्थिति
- प्रति 10 लाख की आबादी पर देश में सबसे ज्यादा जांच
- सबसे पहले होम आईसोलेशन में क्लज की सुविधा दिल्ली में ही शुरू हुई
- देश का सबसे पहला प्लाज्मा बैंक दिल्ली में बना
ऐसे फैलता गया संक्रमण
संख्या कब से कब तक कुल दिन
एक हजार 2 मार्च से 11 अप्रैल 40
एक लाख 12 अप्रैल से 6 जुलाई 86
दो लाख 07 जुलाई से 9 सिंतबर 65
तीन लाख 10 सिंतबर से 8 अक्तूबर 29
चार लाख 9 अक्तूबर से तीन नवंबर 26
पांच लाख 04 नवंबर से 18 नवंबर 15
छह लाख 19 नवंबर से 10 दिसंबर 22
मौतें
संख्या कब से कब तक कुल दिन
एक हजार 14 मार्च से 11 जून 58
दो हजार 12 से 19 जून 08
तीन हजार 20 जून से 4 जुलाई 15
चार हजार 05 जुलाई से 2 अगस्त 29
पांच हजार 03 अगस्त से 21 सिंतबर 50
छह हजार 22 सिंतबर से 18 अक्तूबर 27
सात हजार 19 अक्तूबर से 9 नवंबर 22
आठ हजार 10 से 19 नवंबर 10
नौ हजार 20 से 29 नवंबर 10
10 हजार 30 से 12 दिसंबर 12
रिकॉर्ड
एक दिन में सबसे ज्यादा मरी 11 नवंबर को 8593
एक दिन में सबसे ज्यादा मरीज स्वस्थ 20 नवंबर को 8775
एक दिन में सबसे ज्यादा मौतें 18 नवंबर को 131
रिकॉर्ड
एक दिन में सबसे ज्यादा मरी 11 नवंबर को 8593
एक दिन में सबसे ज्यादा मरीज स्वस्थ 20 नवंबर को 8775
एक दिन में सबसे ज्यादा मौतें 18 नवंबर को 131
ये थी तीन लहर
पहली लहर : 23 जून को, सबसे ज्यादा 3947 मरीज मिले और 68 लोगों की मौत हुई थी।
दूसरी लहर: 16 सिंतबर को, जब एक दिन में सबसे ज्यादा 4473 मरीज मिले और 33 लोगों की मौत हुई थी।
तीसरी लहर: 11 नवंबर को, 8953 संक्रमित मरीज मिले थे और 79 लोगों की मौत हुई थी।
सबसे ज्यादा मरीज 1,82,010 नवंबर में
सबसे ज्यादा मौतें 2698 नवंबर में
दिल्ली में कोरोना संक्रमण काबू में है। इसका बड़ा कारण है कि आबादी का एक बड़ा हिस्सा संक्रमित होकर स्वस्थ हो चुका है। संक्रमित हुए 98 फीसदी लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अस्पतालों में भी अधिकतर वही मरीज भर्ती है, जो पुरानी बीमारियों से पीड़ित हैं। हालांकि, अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत हैं।
डॉ. अजीत जैन, कोविड नोडल अधिकारी, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल