कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद एक मरीज को अधिकतम 10 मिनट में भर्ती करना जरूरी है। बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों के चिकित्सा निदेशकों को आदेश भी दिया है। आदेश में कहा है कि सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों को भर्ती करने में समय नहीं लगना चाहिए। अधिकतम 10 मिनट में इनकी सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मरीज को भर्ती करना जरूरी है। ऐसा करने से अस्पताल में संक्रमण को फैलने से भी रोका जा सकता है।
इसके अलावा दिल्ली सरकार ने अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को लेकर आयुष और दंत चिकित्सकों को भी कोविड ड्यूटी में लगाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष निदेशक और सभी अस्पतालों के निदेशकों को यह आदेश जारी कर दिया है। इनके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने लोकनायक अस्पताल और जीटीबी में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 500-500 बिस्तर बढ़ा दिए हैं। लोकनायक अस्पताल में अब 1500 और जीटीबी में एक हजार बेड संक्रमित रोगियों के लिए आरक्षित कर दिए हैं। इनके अलावा लोकनायक में 200 और जीटीबी में 100 वेंटिलेटर भी आरक्षित हैं।
दरअसल राजधानी में एक बार कोरोना वायरस ने गति पकड़ ली है। 2 मार्च 2020 को दिल्ली में पहला कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद से अब तक तीन-तीन बार संक्रमण की लहर देखने को मिल चुकी है। जबकि चौथी लहर का सामना वर्तमान में करना पड़ रहा है। आंकड़ों की मानें तो 31 मार्च तक राजधानी में 2.71 फीसदी सैंपल संक्रमित मिल रहे थे लेकिन अब यह संक्रमण दर आठ फीसदी से भी अधिक हो चुकी है।
वहीं सक्रिय मरीजों की संख्या भी 20 हजार से अधिक हो चुकी है। जबकि एक सप्ताह पहले तक यह आंकड़ा आठ हजार के आसपास था। ऐसे में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने एक के बाद एक चार बैठक कीं जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए।
20 अस्पतालों में 85 फीसदी आईसीयू भरा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दिल्ली में 54 ऐसे अस्पताल हैं जहां 100 या उससे अधिक बिस्तर उपलब्ध हैं। इनमें से 20 अस्पताल ऐसे हैं जहां वर्तमान में 85 फीसदी आईसीयू बिस्तर भर चुके हैं। कुछ ही दिन पहले 33 प्राइवेट अस्पतालों में विभाग ने कोविड-19 संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित बिस्तरों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी की थी लेकिन एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में 50 फीसदी बिस्तर कोरोना मरीजों के लिए तय करने का निर्णय लिया है।
विभाग के मुताबिक 54 में से 22 अस्पतालों में 75 फीसदी तक कोविड वार्ड भर चुके हैं ऐसे में बिस्तरों की संख्या बढ़ाना बेहद जरूरी है। विभाग ने जानकारी दी है कि सभी अस्पतालों को निर्देश दिए जा चुके हैं।