दिल्ली के बाद नोएडा और गाजियाबाद में भी नाइट कर्फ्यू लागू हो गया है। इस वजह से दिल्ली-नोएडा और दिल्ली-गाजियाबाद के बीच आवागमन करने वालों की चुंकी-नाकों और जिले तथा राज्य की सीमाओं पर चेकिंग तेज हो गई है। कल तक दिल्ली-नोएडा या दिल्ली गाजियाबाद की सीमाओं पर पुलिस-प्रशासन की इतनी सख्ती नहीं थी लेकिन अब नाइट कर्फ्यू लागू हो जाने के बाद जांच-पड़ताल के काम में तेजी आ गई है।
इस बीच दिल्ली सरकार ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडियाकर्मियों को ई-पास की अनिवार्यता से बाहर कर दिया है। इन्हें केवल अपना आई कार्ड दिखाना होगा। इसके आधार पर मीडिया से जुड़े लोगों की रात में बेरोकटोक आवाजाही हो सकेगी।
दिल्ली सरकार की ओर से इससे पहले मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया था कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोगों को भी रात दस बजे के बाद सड़कों पर निकलने के लिए ई-पास लेना होगा। इससे नाइट शिफ्ट में काम करने वालों को खासी परेशानी हो रही थी।
देर रात सड़क पर निकलने पर हर चौराहे पर पुलिस की लंबी पूछताछ के बीच से गुजरना पड़ता था। सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को होती थी, जिनकी आवाजाही नोएडा व दिल्ली के बीच रहती है। दिल्ली सरकार के इस फैसले से रात में आवाजाही करने वाले मीडियाकर्मियों को राहत मिलेगी।
इसे देखते हुए बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार ने आदेश में संशोधन कर दिया है। मीडियाकर्मी अपने संस्थान का आईकार्ड दिखाकर आवागमन कर सकेंगे। उधर, बीते दो दिनों में दिल्ली सरकार को ई-पास के करीब 1.19 लाख आवेदन मिले हैं। इनमें से अलग-अलग वजहों से करीब 87,000 को रिजेक्ट कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर आवेदन या तो छूट के दायरे में नहीं आते थे या उन्होंने फार्म भरने में गलती की थी। जबकि सही पाए जाने पर 12,068 ई-पास जारी कर दिए हैं।