देश के चुनिंदा शहरों का स्वच्छ वायु सर्वेक्षण होगा। इसमें 131 ऐसे शहरों को शामिल किया गया है, जो राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के लिए पहले से ही अपनी वायु गुणवत्ता पर काम कर रहे हैं। यह सर्वे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मार्गदर्शन में स्वच्छ वायु गुणवत्ता आयोग द्वारा तय मानकों के अनुसार होगा।
इसमें वायु गुणवत्ता आयोग द्वारा स्वच्छ वायु के लिए शहरी कार्ययोजना के तहत इन शहरों को चुना गया हैं। इन शहरों को 2025-26 तक अपना वायु प्रदूषण 40 फीसदी तक कम करना है। इन शहरों को आबादी के आधार पर तीन समूहों में बांटा गया है। इसमें पहले समूह में 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले 47 शहर, दूसरे समूह में तीन से 10 लाख की आबादी वाले 44 शहर और तीसरे समूह में तीन लाख से कम आबादी वाले 40 शहर शामिल हैं।
दरअसल, गुजरात के एकता नगर में पर्यावरण और वन मंत्रालय के दो दिन चलने वाले राष्ट्रीय वन मंत्रियों के सम्मेलन में प्रदूषण को नियंत्रित करने और इसके शमन के लिए एक समानांतर सत्र में राज्यों के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम-एनसीएपी में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण- शहरों की रैंकिंग पर दिशा-निर्देशों की जानकारी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा की गई। इसमें प्रेरणा ऑनलाइन पोर्टल पर इसके मानकों की जानकारी दी गई है। इसमें शहरों को स्व-मूल्यांकन करना आवश्यक है।
इसमें सालाना होने वाले आकलन में शहरों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सड़क धूल प्रबंधन, निर्माण और विध्वंस कचरे के प्रबंधन वाहनों के उत्सर्जन पर नियंत्रण और औद्योगिक प्रदूषण के संबंध में की गई गतिविधियों की रिपोर्ट देनी होगी।