कोरोना काल में विदेशों से भारत को मिलने वाली सहायता का सिलसिला जारी है। राजधानी के सफदरजंग अस्पताल में अमेरिका से सहायता स्वरूप ऑक्सीजन सिलिंडर आ चुके हैं और यूएई से बाईपैप मशीन भी यहां आ गई है। जर्मनी के वेंटिलेटर भी मिले हैं। उधर, दिल्ली के ही लेडी हार्डिंग कॉलेज में जो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पहुंचे हैं वे रूस से आए हैं।
राजधानी को इस माह मिलेंगे फ्रांस से 18 ऑक्सीजन प्लांट
राजधानी को 21 में से तीन प्रेशर स्विंग एडसोर्पशन (पीएसए) ऑक्सीजन प्लांट फ्रांस से मिल चुके हैं। शेष 18 प्लांट इस माह मिलने की उम्मीद है। ये जानकारी एक अधिकारी की ओर से शनिवार को दी गई। अधिकारी ने बताया कि जो तीन प्लांट मिले हैं उन्हें सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल, अंबेडकर अस्पताल और संजय गांधी अस्पताल में स्थापित किया गया है।
प्रधान परिवहन सचिव और विशेष कार्य अधिकारी-हेल्थ आशीष कुंद्रा ने एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में बताया कि इस पूरे मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्रीय विदेश मंत्रालय निगरानी कर रहे हैं। शेष 18 ऑक्सजीन प्लांट इस माह के अंत तक दिल्ली पहुंच जाएंगे।
कुंद्रा ने बताया कि राजधानी में ऑक्सीजन की कुल खपत का 29 फीसदी रेलवे और 71 फीसदी आपूर्ति सड़क परिवहन के जरिये हो रही है। राजधानी में रोजाना 507.5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आ रही है।
केंद्र सरकार के अस्पताल 9.39 फीसदी, दिल्ली सरकार के अस्पताल 20.20 फीसदी और निजी अस्पताल 50.20 फीसदी ऑक्सीजन के कुल आवंटन का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शेष 15.67 फीसदी ऑक्सीजन को आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखा जाता है और 3.03 फीसदी जिलों को दिया जाता है।