पश्चिम जिला पुलिस ने नशे की तस्करी करने वाले एक बड़े गैंग का पर्दाफाश कर 125.840 किलो से अधिक हेरोइन बरामद की है। बरामद हेरोइन की कीमत 860 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस संबंध में एक अफगानी दंपती को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मोहम्मद शफी (48) और तरीना (36) के रूप में हुई है। दोनों कार से हेरोइन को पश्चिम दिल्ली के ख्याला इलाके में लेकर जा रहे थे। यहां से हेरोइन को पंजाब भेजा जाना था। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त उर्विजा गोयल ने बताया कि शुक्रवार को जिले की एएटीएस टीम को सूचना मिली थी कि नशे के सौदागर वजीराबाद से ख्याला नाला रोड, गैस एजेंसी के पास आने वाले हैं। सूचना के बाद फौरन इंस्पेक्टर प्रमोद तोमर, एसआई ईश्वर सिंह, शैलेंद्र व अन्य की टीम को जांच के लिए लगा दिया गया।
शाम करीब 4.35 बजे पुलिस टीम ने देखा कि एक शेवरले-बीट कार गैस एजेंसी के पास आकर रुकी। उसमें एक बुर्के वाली महिला व एक शख्स खड़े होकर किसी का इंतजाम करने लगे। कुछ देर बाद पुलिस टीम ने जानकारी पुख्ता करने के बाद दोनों को दबोच लिया। कार की तलाशी ली गई तो उसमें प्लास्टिक के सात बैग में सफेद रंग का पाउडर मिला। जांच करने पर पता चला कि यह हेरोइन है।
फौरन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ने बताया कि वह अफगानिस्तान के रहने वाले हैं। दोनों अपने परिवार के साथ पिछले 12 सालों से वजीराबाद के हनुमान चौक पर रहते हैं। गिरफ्तारी के समय दोनों ही अपना पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज नहीं दिखा पाए। दोनों खुद को अफगानी शरणार्थी बता रहे थे। आरोपी मोहम्मद शफी का हेरोइन तस्करी का काम है।
अफगानिस्तान से हेरोइन बनाने का कच्चा माल आता है। दिल्ली में उससे हेरोइन तैयार कर उसे पंजाब में दूसरे लोगों को भेज दिया जाता है। शफी ने तैयार हेरोइन को ख्याला में गैंग के दूसरे सदस्यों को देना था। जिसके बाद इसे आगे पंजाब जाना था। शफी ने बताया कि हेरोइन तस्करी के समय किसी को शक न हो इसलिए वह अपनी बच्चों को गाड़ी लेकर चलता था। शुक्रवार को उसके छह बच्चे घर पर थे। वह पत्नी के साथ हेरोइन तस्करी के लिए निकला था। अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। इनके गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश की जा रही है।