मनिंदर की तलवारबाजी के बाद लालकिला में हिंसा शुरू हो गई थी। उसके दोनों हाथों से तलबारबाजी से आरोपियों में जोश आ गया। आरोपियों को उस समय यह लगा कि उन्होंने लालकिला फतह कर लिया है। हिंसा होते हुए आरोपी शाम करीब पांच बजे फरार हो गया।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की गिरफ्त में मौजूद मनिंदर ने यह खुलासा किया है। उसका कहना है कि वह भीड़ के साथ लालकिले पर पहुंच गया था। हालांकि, उसे इस बात की जानकारी थी कि इंडिया गेट पर झंडा फहराने वाले को सिख फॉर जस्टिस ने ढाई लाख डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि यदि मनिंदर लालकिले पर तलवारबाजी नहीं करता तो शायद हिंसा नहीं होती। 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली सिंघु बॉर्डर से चलकर वजीराबाद की ओर जाते हुए स्वरूप नगर पहुंची। वहां मनिंदर छह दोस्तों के साथ अपने घर से ही बाइकों पर रैली में शामिल हो गया था। वह मोतीनगर व स्वरूप नगर में रामगढ़िया शस्त्र विद्या दल चलाता है। यहां वह सिख समुदाय के बच्चों को तलबारबाजी भी सिखाता है।
आरोपी दिल्ली का एकमात्र ऐसा तलवारबाज है जो बड़ी तलवार से तलवारबाजी में कलाकारी दिखाता है। आरोपियों ने बताया कि दिल्ली में हर कार्यक्रम व समारोह में उसे ही तलवारबाजी के लिए बुलाया जाता है। आरोपी ने दावा किया है कि उसके जैसा तलवारबाज दिल्ली में कोई नहीं है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंनिदर सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा सक्रिय था और किसान आंदोलन से जुड़े पेज को लाइक व शेयर करता था। आरोपी को नए कृषि कानूनों से कोई मतलब नहीं है। पंजाब से लोग किसान आंदोलन में आ रहे हैं, इसलिए वह भी किसानों को समर्थन करने पहुंच गया। वह सिंघु बॉर्डर पर जाकर सेवा करता था।
प्रदर्शन स्थल पर झाडू लगाने के साथ अन्य काम करता था। स्पेशल सेल के एसीपी अतर सिंह, इंस्पेक्टर शिव कुमार व एसआई राजेश की टीम ने मंनिदर को गिरफ्तार किया था। स्पेशल सेल ने मंनिदर को कोर्ट में पेश कर बुधवार को लालकिला मामले की जांच कर रही अपराध शाखा की टीम को सौंप दिया था।