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Crime Files : अब आफताब जेल में पढ़ रहा है अंग्रेजी उपन्यास, दो कैदियों के साथ खेलता है शतरंज... तो कभी अकेले

Sun, 04 Dec 2022 04:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Delhi : उसने जेल प्रशासन से अंग्रेजी उपन्यास पढ़ने की इच्छा जाहिर की थी। जेल अधिकारियों ने शनिवार को उसे द ग्रेट रेलवे बाजार उपन्यास की एक कॉपी दी है। यह अमेरिकी उपन्यासकार पॉल थेरॉक्स का यात्रा वृत्तांत है।
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आफताब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रद्धा हत्याकांड का आरोपी आफताब अमीन तिहाड़ जेल में अंग्रेजी उपन्यास पढ़ रहा है। उसने जेल प्रशासन से अंग्रेजी उपन्यास पढ़ने की इच्छा जाहिर की थी। जेल अधिकारियों ने शनिवार को उसे द ग्रेट रेलवे बाजार उपन्यास की एक कॉपी दी है। यह अमेरिकी उपन्यासकार पॉल थेरॉक्स का यात्रा वृत्तांत है।

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जेल अधिकारियों ने उसे यह किताब इसलिए दी है, क्योंकि यह अपराध पर आधारित नहीं है और इसमें ऐसी सामग्री नहीं है जिससे वह दूसरों या खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रेरित हो सके। जेल अधिकारियों ने बताया की आफताब जेल में ज्यादातर समय अकेले तो कभी सेल में मौजूद दो अन्य कैदियों के साथ शतरंज खेलता है। जब अकेला शतरंज खेलता है और दोनों तरफ की रणनीति बनाता है। जेलकर्मियों को उस पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा गया है। उसकी सुरक्षा में जेल के दो कर्मी और सुरक्षा कर्मी को तैनात किया गया है। साथ ही, सीसीटीवी से हर वक्त निगरानी रखी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी) की टीम तिहाड़ जेल पहुंची थी। इस दौरान आफताब शतरंज खेल रहा था। वह जेल में अकेले शतरंज खेलकर समय बिता रहा है। आफताब पर हर वक्त कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं, अब तिहाड़ जेल के सूत्रों के मुताबिक अब आरोपी आफताब ने जेल प्रशासन से नॉवेल व साहित्य की किताबें मुहैया कराने की मांग की थी।
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मारपीट करने की बात फिर सामने आई
श्रद्धा के दोस्तों, जानकारों व सीनियरों ने दिल्ली पुलिस को बताया है कि आरोपी आफताब श्रद्धा के साथ बहुत ज्यादा मारपीट करता था। दिल्ली पुलिस ने मुंबई जाकर श्रद्धा के 20 से ज्यादा दोस्तों व जानकारों के बयान दर्ज किए हैं।

मुंबई पुलिस की पूछताछ के बाद फेंका था सिर-धड़
मुंबई पुलिस ने आरोपी को हल्की पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया था। मुंबई पुलिस ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा। ऐसे में आरोपी आफताब को सबूत को नष्ट करने का समय मिल गया।

...तो श्रद्धा के सिर व धड़ घर में ही मिल जाते
श्रद्धा हत्याकांड मामले में अगर मुंबई पुलिस समय से कार्रवाई करती तो शायद सिर व धड़ आरोपी आफताब के किराए के घर में फ्रिज में ही मिल जाते। दिल्ली पुलिस को सबूत जुटाने के लिए कड़ी मेहनत नहीं करनी पड़ी। 

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