दिल्ली -एनसीआर में अब एक सप्ताह कर तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं। रविवार की सुबह दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत भरी रही। मौसम के करवट लेने के साथ हुई हल्की बारिश की वजह से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। हालांकि, इसके बाद दिनभर बादल और सूरज के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा और बादल बिन बरसे ही चले गए।
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में हल्की पड़ रही है। हवाओं की अनुकूल स्थितियां न होने की वजह से दिल्ली-एनसीआर को मानसून का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
गत बृहस्पतिवार को मौसम विभाग ने 23 जून तक राजस्थान, पंजाब और हरियाणा तक मानसून पहुंचने की संभावना जताई थी। मौसम विभाग का कहना था कि 26 से 30 जून के बीच मानसून के मजबूत होने की संभावना है। हालांकि, इससे पहले मौसम विभाग ने दिल्ली में 15 जून तक पहुंचने की संभावना जताई थी, जोकि इसके तय समय से 12 दिन पहले था।
राजधानी में मानसून की दस्तक 27 जून तक होती है। गत वर्ष 25 जून को दिल्ली में मानसून का आगमन हुआ था। मौसम विज्ञानी महेश पालावत के अनुसार, दिल्ली में 27 जून तक मानसूनी बारिश दर्ज की जा सकती हैं। रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से चार कम 34.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम सामान्य से तीन कम 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पालम में अधिकतम तापमान 34.5, लोदी रोड में 34, आया नगर में 34.2, गुरुग्राम में 35.8, नजफगढ़ में 36.1, नोएडा में 34 और पीतमपुरा में 34.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। पूरे एक सप्ताह तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। सप्ताह के अंत तक लोगों को मानसूनी बारिश भी देखने को मिल सकती है।
दिल्ली से साफ रही एनसीआर की हवा
एनसीआर के शहरों की हवा दिल्ली से भी बेहतर रही है। अगले 24 घंटों में भी इसमें बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, तेज आंधी चलने की वजह से हवा में धूल के कण मिल सकते हैं, लेकिन इसका अधिक प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 62 दर्ज किया गया। इसके अलावा फरीदाबाद का 69, गाजियाबाद का 46, ग्रेटर नोएडा का 33, गुरुग्राम का 67 और नोएडा की हवा 52 एक्यूआई दर्ज हुई।