दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में 13 अक्तूबर को हुई सीएनजी पंप ऑपरेटर मनीष यादव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी और दो नाबालिग शूटर समेत सात को पकड़ा है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी उमेश मौर्य, उसके साजिशकर्ता दोस्त व बाकी आरोपियों को दबोच लिया है। आरोपी उमेश ने नाबालिग शूटरों को दो लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई थई। मनीष की हत्या के बाद आरोपी उमेश उसकी पत्नी से विवाह करना चाहता था।
उमेश अपने स्कूल के एक तरफा प्यार को पाने के लिए किस कदर जूनूनी था, कि उसने मनीष की हत्या करवाने के लिए अपना प्लाट गिरवी रखकर मोटी रकम उधार ले ली। उमेश के करीबी विवेक ने मनीष की हत्या करवाने का पूरा इंतजाम करने के लिए उससे 10 लाख रुपये की डिमांड की। उमेश इसके लिए फौरन तैयार हो गया।
फिलहाल शूटरों को सुपारी की रकम देने के लिए विवेक को दो लाख रुपये दे दिए गए। इसके अलावा हथियार और बाइक के इंतजाम करवाने के लिए भी विवेक ने उमेश से कुछ पैसे लिए। काम पूरा होने के बाद उमेश को पूरे 10 लाख रुपये विवेक को देना था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी से पर्दा उठा दिया।
उत्तर-पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनीष की शादी के बाद उमेश ने भी शादी कर ली थी। शादी के बाद उमेश की अपनी पत्नी से नहीं बन पाई। उसके यहां 10 साल का एक बेटा भी है। करीब 10 साल पहले उमेश की पत्नी उसे छोड़कर यूपी अपने मायके चली गई। फिलहाल दोनों के बीच अब तलाक का केस चल रहा है।
मनीष, उमेश और विवेक तीनों ही सोनिया विहार साढ़े चार पुश्ता इलाके में रहते हैं। पत्नी के जाने के बाद उमेश हर हाल में मनीष को अपने रास्ते से हटाना चाहता था।यह बात उसने विवेक को बताई। विवेक मनीष की हत्या के लिए तैयार हो गया। कई माह पहले हत्या की साजिश रची जाने लगी। नाबालिग हथियारों की तलाश शुरू हुई।
शूटर मिलने के बाद उन्होंने हथियार, बाइक व रुपयों की डिमांड की। हमेशा विवेक के साथ रहने वाले उसके दोस्त आनंद ने हथियार के लिए विवेक की मुलाकात नितिन से करवाई। नितिन ने 70 हजार रुपये में पिस्टल दिलवाने की बात की। इसके बाद विवेक की मुलाकात नितिन ने भीम सिंह से करवाई। भीम ने 68 हजार रुपये लेकर अपने भाई की पिस्टल विवेक को बेच दी।
इसके बाद एक अन्य जानकार के जरिए 5 हजार रुपये में न्यू उस्मानपुर के एक युवक से कुछ कारतूसों का इंतजाम किया गया। दूसरे युवक ने चोरी की बाइक का इंतजाम करवाया। विवेक ने जब हथियार, बाइक, कारतूस जुटाने के बाद हत्या की योजना बनाई। बाद में 13 अक्तूबर की रात को वारदात को अंजाम दे दिया गया।
स्कूल के जमाने से दोस्त की पत्नी से करता था एक तरफा प्यार, अब सुपारी देकर करवाई मनीष की हत्या
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने सोनिया विहार इलाके में 13 अक्तूबर को सीएनजी पंप ऑपरेटर मनीष यादव (34) के सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में मुख्य आरोपी व दो नाबालिग शूटरों समेत कुल सात आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों के पास से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, दो कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है।
आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी उमेश मौर्य उर्फ मयंक (38), दूसरे मुख्य आरोपी विवेक सिंह (26), आनंद (22), नितिन उर्फ नरेंद्र (32) और भीम सिंह (45) व दो नाबालिग शूटरों के रूप में हुई है। दरअसल मनीष, उमेश और मनीष की पत्नी स्कूल में एक ही क्लास में पढ़ते थे। स्कूल के जमाने से ही उमेश मनीष की पत्नी से एक तरफा प्यार करता था। लेकिन स्कूल खत्म होने के बाद मनीष ने स्कूल की दोस्त से प्रेम विवाह कर लिया।
अपने स्कूल के एक तरफा प्यार को पाने के लिए उमेश ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की अपने दोस्त विवेक के साथ मिलकर साजिश रची। दो नाबालिग शूटर का इंतजाम कर उनको दो लाख रुपये में सुपारी देकर मनीष की हत्या करवा दी।
विवेक वकील है और तांत्रिक का भी काम करता है
पकड़े गए आरोपियों में विवेक पेशे से वकील है और लोगों के दुख-दर्द दूर करने के लिए बाबागिरी-तांत्रिक का काम भी करता है। वहीं नितिन शिक्षा विभाग में अनुबंध पर डेटा एंट्री ऑपरेटर है। पुलिस को मामले में कुछ और आरोपियों की तलाश है। उनकी तलाश में उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस छापेमारी कर रही है।
पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मिलिंद महादेव डुंबरे ने बताया कि 13 अक्तूबर की रात सोनिया विहार साढ़े चार पुश्ता पर बाइक सवार लड़कों ने बेहद नजदीक से मनीष यादव नामक युवक के सिर में गोली मार दी। पड़ोसियों की मदद से मनीष को सिविल लाइंस स्थित ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की।
उमेश ने ही कॉल कर मनीष को बाहर बुलाया था
कॉलर विवेक सिंह ने पुलिस को बताया कि हेलमेट लगाए बाइक सवार दो लड़कों ने वारदात को अंजाम दिया है। पड़ताल हुई तो पता चला कि वारदात से कुछ ही मिनटों पहले मनीष के पड़ोसी व बचपन के दोस्त उमेश ने उसे कॉल कर घर से बाहर बुलाया था। जैसे ही मनीष घर से बाहर आया इस बीच बाइक सवारों ने उसे गोली मार दी। पुलिस ने 200 सीसीटीवी कैमरों के अलावा टेक्निकल सर्विलांस की पड़ताल की। कॉलर से भी पूछताछ हुई। उसके बयान पर पुलिस को कुछ शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर कॉलर विवेक टूट गया। उसने बताया कि उमेश के कहने पर उसने ही मनीष की हत्या की साजिश रची।
विवेक ने नाबालिग शूटरों का इंतजाम दिया। उनको हत्या के बदले दो लाख रुपये देने का वादा किया गया। इसके अलावा विवेक ने अपने जानकार नितिन के जरिये हथियार का इंतजाम करवाया। नितिन ने झड़ौदा के रहने वाले भीम सिंह से एक पिस्टल विवेक को दिलवाई। इसके अलावा न्यू उस्मानपुर में एक युवक से कारतूस व एक अन्य से चोरी की बाइक का इंतजाम करवाया गया। विवेक ने नाबालिगों को हत्या के लिए दो लाख रुपये ऑन लाइन ट्रांसफर कर दिए। योजना के तहत उमेश ने उधार दिए गए एक हजार रुपये लेने के बहाने मनीष को घर से बाहर बुलाया। इस बीच नाबालिगों ने उसकी हत्या कर दी। गोली लगने के बाद उमेश ही मनीष को पकड़कर उसके घर के करीब ले गए, जहां से बाद में पड़ोसी उसे अस्पताल ले गए। अब पुलिस को कारतूस और बाइक मुहैया करवाने वालों की तलाश है।