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Delhi : मेयर शैली ने बताया- अब व्यावसायिक संपत्तियों पर कम देना होगा टैक्स, सौरभ होले- एक और वायदा पूरा

Sun, 23 Apr 2023 05:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

ओबरॉय ने बताया कि 5वीं म्युनिसिपल कमेटी की सिफारिशों को लागू कराते हुए व्यावसायिक संपत्तियों के कर को कम किया गया है। किराए की व्यावसायिक संपत्तियों के यूज फैक्टर को दो फीसदी से घटाकर 1.25 फीसदी किया गया है।
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शैली ओबरॉय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज और मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने शनिवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी चुनाव में किया एक और वादा पूरा किया है। 5वीं म्युनिसिपल कमेटी की सिफारिशों को लागू कराते हुए व्यावसायिक संपत्तियों के कर को कम किया गया है। किराए की व्यावसायिक संपत्तियों के यूज फैक्टर को दो फीसदी से घटाकर 1.25 फीसदी किया गया है। वहीं, कॉलोनियों के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाकर लोगों को टैक्स से राहत दी है।

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आप पार्टी मुख्यालय में डॉ. शैली ओबरॉय के साथ प्रेसवार्ता में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एमसीडी में पार्टी के आने से किराए की व्यावसायिक संपत्ति के टैक्स में राहत दी गई है। व्यापारी वर्गों को कोरोना के दौरान लंबी समस्या झेलनी पड़ी। चुनाव से पहले केजरीवाल ने वादा किया था कि सीलिंग से लेकर व्यावसायिक संपत्ति कर में व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी, उसे पूरा किया गया है। 

मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने कहा कि पांचवीं म्युनिसिपल वैल्यूएशन कमेटी (एमवीसी) ने पिछले साल अपनी कुछ सिफारिशें दी थीं। उनको चार नवंबर 2022 को स्वीकार कर लिया गया था। निगम ने एमवीसी की सभी सिफारिशों को एक अप्रैल 2023 से लागू कर दिया। 19 अप्रैल 2023 को इसका आदेश निकाला गया। इसमें 29 सिफारिशें की गई हैं।
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एमवीसी की सभी सिफारिशों में यूज फैक्टर, ओक्यूपेशनल फैक्टर, एज फैक्टर और स्ट्रक्चर फैक्टर शामिल हैं। व्यावसायिक, रिहायशी संपत्तियों, बैंक्वेट हॉल, गेस्ट हाउस, फार्म हाउस, मल्टीप्लेक्स, पेट्रोल पंप सभी को बहुत ज्यादा राहत दी गई है। कॉलोनियों के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं और कई कॉलोनियों की श्रेणियों में बदलाव लाया गया है।

ओल्ड एज होम, बरातघर, सामुदायिक केंद्र, फार्महाउस इन सभी के लिए अलग-अलग श्रेणी बनाई गई हैं। किराए की जो संपत्तियां हैं उनके यूज फैक्टर को दो फीसदी से घटाकर 1.25 फीसदी कर दिया गया है। बैंक्वेट हॉल के यूज फैक्टर को घटाकर छह फीसदी से चार फीसदी कर दिया गया है। 

प्राइवेट सेक्टर के यूज फैक्टर को घटाकर तीन फीसदी से दो फीसदी कर दिया गया है। पीजी और हॉस्टल के यूज फैक्टर को चार से घटाकर दो फीसदी कर दिया गया है। कॉलोनी और सोसायटी 100 फीसदी वेट वेस्ट को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेंगी तो उनको भी पांच फीसदी की रियायत दी गई है।

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