पृथ्वी दिवस पर दिल्ली की धरती साफ दिखेगी। इसके लिए एलजी वीके सक्सेना ने ‘’प्लास्टिक को हराने के लिए 100 दिन’’ अभियान की शुरुआत की है। शनिवार को उन्होंने सराय काले खां स्थित बांसेरा पार्क से इस अभियान को हरी झंडी दिखाई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन में प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने की शपथ भी दिलाई। साथ ही अभियान के शुभंकर ‘’निवारण दादी’’ का अनावरण किया।
प्लास्टिक के विकल्पों को प्रोत्साहित करने हेतु कार्य योजना जारी की गई। एलजी ने कहा कि अब प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है। इसके दुष्प्रभाव जगजाहिर हैं। उन्होंने कहा कि आरडब्ल्यूए और मार्केट एसोसिएशन के लोगों ने दिल्ली को प्लास्टिक मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। हम निश्चित ही इस प्रयास में सफल होंगे। इस अवसर पर दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार, डीडीए के उपाध्यक्ष शुभाशीष पांडा, निगम के आयुक्त ज्ञानेश भारती, प्लागमैन के नाम से मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता रिपुदमन बेलवी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जलभराव की समस्या में प्लास्टिक अहम
दिल्ली को हर साल जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके लिए प्लास्टिक भी बहुत हद तक जिम्मेदार है। उन्होंने आरडब्ल्यूए व मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन को इस अभियान में मजबूती से जुड़ने का आह्वान किया। दिल्ली जीरो वेस्ट के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। मौजूदा समय निगम ने दिल्ली की 120 कॉलोनियां व ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी जीरो वेस्ट कॉलोनी घोषित किया है।
प्लास्टिक का थैला लेना बंद करें : एलजी
उपराज्यपाल ने बताया कि वह दिल्ली को खूबसूरत शहर बनाना चाहते हैं और इसके लिए अधिक से अधिक प्रयास हो रहे हैं। कूड़े की पहाड़ भी कम हो रहे हैं। निगम औैर पीडब्ल्यूडी की सड़कें साफ हो रही हैं। अभी काफी काम बचा है। अगर हम लोग सब्जी वाले, दुकान वाले और अन्य लोगों से प्लास्टिक थैला लेना बंद कर देंगे तो यह समस्या अपने आप ही खत्म होने लगेगी।
अभियान के लिए कार्ययोजना तैयार
दिल्ली रोजाना 11 हजार टन कचरे का उत्सर्जन करती है। इसमें से करीब 10 प्रतिशत प्लास्टिक कचरा होता है। इस अभियान के तहत निगम ने प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक को जब्त करने के लिए सभी दुकानों और बाजारों के गहन निरीक्षण होंगे। अभियान के ब्रांड एंबेसडर प्लॉगमैन ऑफ इंडिया के साथ प्लॉगिंग ड्राइव, कपड़े की थैलियों का वितरण, अधिक संख्या में विकल्प स्टोर खोलना, वॉल आर्ट और प्लास्टिक विकल्प से संबंधित अन्य प्रतिष्ठान, एकल उपयोग प्लास्टिक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए जागरूकता और आउटरीच कार्यक्रम होंगे।
निगम इन 100 दिनों के भीतर रणनीतिक तरीके से बाजार, पार्क, होटल, बैंक्वेट को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। हर दुकान, कारखाने, व्यवसायिक प्रतिष्ठान का निरीक्षण कर इन क्षेत्रों में एसयूपी मुक्त क्षेत्र की घोषणा के स्टिकर लगाए जाएंगे। पार्कों में प्लास्टिक अपशिष्ट से बने नेम बोर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। एमसीडी का जनस्वास्थ्य विभाग लाइसेंस की शर्तों में संशोधन करेगा, ताकि होटल, भोजनालयों और रेस्तरां में सिंगल यूज प्लास्टिक, विशेष रूप से प्लास्टिक कटलरी का उपयोग न हो। मॉल की व्यापक मैपिंग की जाएगी। स्कूलों और विश्वविद्यालयों को एसयूपी मुक्त परिसर बनाने का लक्ष्य होगा।