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Delhi : आईएस आतंकियों ने किया खुलासा- मंदिर या मस्जिद से नहीं था मतलब, बस भीड़ वाली जगह पर करना था धमाका

Sun, 08 Oct 2023 03:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा शुजात आलम, नई दिल्ली

सार

पाकिस्तान में बैठे इनके आकाओं ने आदेश दिया था कि यह भारत के सौहार्द को बिगाड़े। मंदिर-मस्जिद से इनको कोई मतलब नहीं था। बस जान-माल का ज्यादा से ज्यादा नुकसान करने के लिए इनको यहां पर भीड़ वाले स्थान पर बम धमाके करना था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पुलिस की गिरफ्त में आए आईएस के आतंकियों ने पूछताछ के दौरान कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। पाकिस्तान में बैठे इनके आकाओं ने आदेश दिया था कि यह भारत के सौहार्द को बिगाड़े। मंदिर-मस्जिद से इनको कोई मतलब नहीं था। बस जान-माल का ज्यादा से ज्यादा नुकसान करने के लिए इनको यहां पर भीड़ वाले स्थान पर बम धमाके करना था।

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रोपियों ने खुलासा किया कि इन लोगों ने केरल, कर्नाटक, मुंबई, सूरत, बडोदरा, अहमदाबाद, दिल्ली समेत पश्चिम और दक्षिण भारत के कई मंदिर-मस्जिद, मजार और दरगाह की रेकी कर भी कर ली थी। यहां पर सुरक्षाा व्यवस्था का आंकलन करने के बाद यहां पर बड़े धमाके प्लान करना था।

पुलिस की गिरफ्त में आए शाहनवाज, अरशद वारसी और रिजवान अशरफ ने खुलासा किया है कि लगातार यह लोग पाकिस्तान में बैठे फरहमुल्लाह गौरी और इसके दामाद शाही फैसल के संपर्क में थे। दोनों अक्षरधाम मंदिर पर हुए हमले में आरोपी हैं। भारत से भागकर इन लोगों ने आईएसआई की मदद से पाकिस्तान में शरण ली हुई है।
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लगातार दोनों भारत के नौजवानों को भड़काकर आतंक से जोड़ने के प्रयास में जुटे हैं। आईएसआई ने इन लोगों से भारत में अपना खुद का नेटवर्क खड़ा करने का आदेश दिया था। पुणे में अपना नेटवर्क खड़ा करने के दौरान शाहनवाज के दो साथियों इमरान खान और यूनुस साकी को पुलिस ने दबोच लिया था।

यहीं से एनआईए को मामले में आतंक के सुराग मिले थे। एनआईए के अलावा पुलिस की टीमें लगातार शाहनवाज और रिजवान अली की तलाश कर रही थी। शाहनवाज ने बताया कि जहां भी ज्यादा भीड़ रहती हो उनको वहां पर धमाके करना थे। पुलिस शाहनवाज की पत्नी खदीजा, बहन व रिजवान और उसकी पत्नी की तलाश कर रही है।

मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस आतंकी गठजोड़ का शुरुआती दौर में ही खुलासा हो गया। यदि यह अपने मकसद में कामयाब होते तो देश में जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। अब आरोपियों से पूछताछ कर इनके एसआई के स्लीपर सेल का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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