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दुष्कर्म आरोपी चिकित्सक को मिली जमानत: अदालत ने कहा- जबरन यौन उत्पीड़न का मामला नहीं

Fri, 02 Apr 2021 08:46 PM IST
सुशील कुमार कुमार पीटीआई, नई दिल्ली

सार

  • आरोपी पीड़िता को डराने या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की स्थिति में नहीं 
  • शारीरिक संबंध सहमति पर आधारित थे या नहीं, सुनवाई के दौरान ही होगा इसका फैसला 
  • यह नहीं कहा जा सकता कि महिला भोली-भाली है
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने शादी का वादा करके एक महिला से दुष्कर्म करने के आरोपी सफदरजंग अस्पताल के एक डॉक्टर को इस आधार पर जमानत दे दी कि यह जबरन यौन उत्पीड़न का मामला नहीं है। वह पीड़िता को डराने या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की स्थिति में नहीं है।

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न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि इस बात की ओर संकेत करने वाला कोई तथ्य नहीं है कि व्यक्ति ने महिला से शादी का वादा किया था और महिला के साथ शारीरिक संबंध उसकी सहमति पर आधारित थे या नहीं, इसका फैसला सुनवाई के दौरान ही होगा।

उच्च न्यायालय ने 22 मार्च के आदेश में कहा कि वादी एक मेक-अप आर्टिस्ट है और दिल्ली की रहने वाली है। यह नहीं कहा जा सकता कि वह भोली-भाली महिला है। यह जबरन यौन उत्पीड़न का मामला नहीं है। उसने कहा कि आरोपी सफदरजंग अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर है और ऐसा नहीं कहा जा सकता कि वह महिला को डराने-धमकाने या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की स्थिति में होगा।
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अदालत ने कहा कि सबूत एकत्रित कर लिये गये हैं और शख्स का मोबाइल फोन पुलिस के पास है। अदालत ने डॉक्टर को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और उसके रिश्तेदार द्वारा इतनी ही जमानत राशि जमा करने पर जमानत दे दी। महिला के अनुसार उसके पिता को जनवरी 2019 में दिल का दौरा पड़ा था और वह उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गयी जहां ड्यूटी पर आरोपी चिकित्सक था। महिला ने कहा कि उपचार के दौरान डॉक्टर महिला के घर भी गया और शादी के इरादे से अपना बायोडाटा दिया और महिला का भी बायोडाटा मांगा।

महिला ने आरोप लगाया कि बाद में डॉक्टर ने उसे अपने दोस्त के घर मिलने बुलाया और वहां उसे सॉफ्ट ड्रिंक पिलाया। इसके बाद वह बेहोश हो गयी जब होश में आई तो उसे पता चला कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया है। उसने आरोप लगाया कि जब उसने इस बारे में डॉक्टर से पूछा तो उसे धमकी दी गयी कि उसका एक वीडियो बना लिया गया है और वायरल कर दिया जाएगा। महिला के आरोपों के अनुसार इसके बाद उसे कुछ होटलों में बुलाया गया और फिर बलात्कार किया गया।

महिला की शिकायत पर 28 जनवरी, 2021 को हौज खास थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गयी। डॉक्टर के वकील ने जमानत की मांग करते हुए दलील दी कि प्राथमिकी इन आरोपों के आधार पर दर्ज की गयी थी कि याचिकाकर्ता महिला को नौ जून, 2019 को अपने दोस्त के फ्लैट पर ले गया था जहां उसका बलात्कार किया गया। उन्होंने कहा कि यह कहानी पूरी तरह पलट गयी और अब आरोप है कि आरोपी ने शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बना लिये। वकील ने कहा कि अत: डॉक्टर को गिरफ्तार करके कुछ हासिल नहीं होगा।

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